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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑर्गेनिक फसलों के प्रमाणीकरण के लिए लैब स्थापना की जरूरत पर दिया निर्देश

हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन, प्राकृतिक खेती और ऑर्गेनिक फसल प्रमाणीकरण हेतु लैब स्थापना पर जोर दिया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑर्गेनिक फसलों के प्रमाणीकरण हेतु जल्द से जल्द एक विशेष लैब स्थापित की जाए, ताकि प्रमाणित उपज के लिए किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिल सके। यह घोषणा उन्होंने बुधवार को हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण (HKKP) की चौथी बैठक की अध्यक्षता करते हुए की।

बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह, सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी, खाद्य, नागरिक एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर और मुख्यमंत्री के OSD वीरेंद्र बढ़खालसा उपस्थित रहे।

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बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मत्स्य पालन विभाग की पुस्तिका “Report of Working Group on Fisheries Development in Haryana” का विमोचन भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए लगभग 5,000 एकड़ में स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन तैयार किया जाएगा, जिसमें किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभ समझाए जाएंगे और किसी भी तरह के आर्थिक नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमाणित प्राकृतिक फसल किसानों को बेहतर दाम दिला सकती है, इसलिए प्रमाणीकरण लैब की स्थापना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन में सूक्ष्म सिंचाई (micro-irrigation) लागू की जाए और फसलों के उत्तम बीज तैयार किए जाएं।

नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को किसानों के लिए कार्यशालाओं, सेमिनारों, प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान आयोजित करने का निर्देश दिया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के नुकसान तथा प्राकृतिक खेती के फायदे समझाए जाएंगे।

इसके अलावा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पायलट सहकारी खेती के कलस्टर, जल निकासी तकनीक, पीएम-कुसुम योजना के तहत फीडरों का सोलराइजेशन, फसल विविधीकरण, सांझी डेयरी परियोजना, झींगा मछली पालन, बकरी और भेड़ पालन जैसी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अधिक से अधिक योजनाएं महिला-केंद्रित बनाई जाएं।

मुख्यमंत्री ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और उनकी बेहतरी के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

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