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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में 15 मामलों पर सुनवाई की

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। 15 परिवादों पर सुनवाई कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना और प्रशासनिक जवाबदेही तय करना रहा।

एजेंडे में शामिल हुए 15 महत्वपूर्ण परिवाद

आज की इस जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के एजेंडे में कुल 15 पुराने और नए परिवाद (शिकायतें) रखे गए। इनमें मुख्य रूप से अवैध कब्जों, बिल्डर-बायर विवाद, बिजली-पानी की समस्या और पुलिस से संबंधित शिकायतें शामिल रहीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक-एक कर सभी शिकायतों को सुना और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आमजन को अपनी जायज समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

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वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों की मौजूदगी

बैठक की गंभीरता को देखते हुए इसमें प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके अलावा गुरुग्राम के सभी स्थानीय विधायक और जिले के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति का हिस्सा बने। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में कोताही और जनता की शिकायतों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मौके पर ही समस्याओं का निपटारा

जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की इस बैठक के दौरान कई पुराने लंबित मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो मामले अभी भी लंबित हैं, उनकी रिपोर्ट अगली बैठक से पहले तैयार की जाए। नायब सिंह सैनी ने कहा कि “हमारी सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना है, और जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति इसी दिशा में एक प्रभावी मंच साबित हो रही है।”

प्रशासनिक सतर्कता पर जोर

गुरुग्राम जैसे वैश्विक शहर में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होने की सलाह दी। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के माध्यम से सरकार सीधे जनता से जुड़कर उनके कष्टों का निवारण कर रही है, जिससे शासन और प्रशासन में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ रहा है।

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