किसानों और छात्रों के मुद्दों पर हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, बोले- लोकतांत्रिक आवाज को दबाया नहीं जा सकता
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने किसानों के प्रदर्शन और दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
हरपाल सिंह चीमा ने किसानों और छात्रों पर कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। बोले- लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने किसानों और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ सख्ती बरती जा रही है और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
चीमा ने कहा कि पंजाब सीमा पर किसानों को मार्च और शांतिपूर्ण प्रदर्शन से रोका जा रहा है, वहीं दिल्ली में अपने अधिकारों और मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया जा रहा है।
‘संवाद की जगह दमन का रास्ता अपना रही सरकार’: चीमा
हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोगों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार संवाद की जगह दमन का रास्ता अपना रही है।
Our farmers are once again being stopped at the Punjab border from marching and protesting peacefully. Our students protesting in Delhi are being met with lathi charges and force.
To protect the interests of a few, the @BJP4India government is choosing suppression over…
— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) July 22, 2026
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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को रोकने, हिरासत में लेने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है।
लोकतांत्रिक मूल्यों और युवाओं पर जताया भरोसा
पंजाब मंत्री ने कहा कि उन्हें भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और देश के युवाओं की ताकत पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को हमेशा के लिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
चीमा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भावनाओं और मांगों को सुनना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि आखिरकार सरकारों को लोगों की आवाज के सामने झुकना पड़ता है।
किसानों और छात्रों के मुद्दों पर बढ़ी राजनीतिक बहस
किसानों के प्रदर्शन और छात्रों के आंदोलन को लेकर देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल केंद्र सरकार पर प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरतने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही जाती रही है।
हरपाल सिंह चीमा ने अपने बयान के जरिए किसानों और छात्रों के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध लोगों का अधिकार है और उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
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