दशा माता व्रत 2026 कब है, मुहूर्त, पूजा विधि और फायदे
जानिए दशा माता व्रत 2026 की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और फायदे। इस व्रत से घर की दशा सुधरती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
दशा माता व्रत 2026 चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस व्रत को करने से घर की दशा सुधरती है और परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। खासकर राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में यह व्रत बड़े श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाता है।
इस साल दशा माता व्रत 2026 13 मार्च को रहेगा। व्रती इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूजा की विधि के अनुसार कच्चे सूत का 10 गांठ वाला डोरा हल्दी में रंगकर गले में धारण किया जाता है।
दशा माता व्रत 2026 का शुभ मुहूर्त
सुबह का शुभ मुहूर्त: 06:53 बजे से 11:19 बजे तक
दोपहर का शुभ मुहूर्त: 12:47 बजे से 02:16 बजे तक
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दशा माता पूजा विधि
व्रती सबसे पहले स्नान कर व्रत संकल्प लें।
कच्चे सूत के 10 तार का डोरा हल्दी में रंगकर 10 गांठें लगाएं। इसे दशा माता का प्रतीक माना जाता है।
पीपल के वृक्ष की पूजा विधि विधान से करें और सूत को पेड़ पर 10 बार लपेटते हुए परिक्रमा करें।
तैयार डोरे को गले में धारण करें।
दशा माता की कथा सुनें और व्रत का पालन करें।
भोजन में एक ही समय बिना नमक का खाना ग्रहण करें।
पूजा सामग्री: कच्चा सूत, हल्दी, कुमकुम, मेहंदी, अक्षत, धूप, दीप, नैवेद्य और पीपल का पत्ता।
दशा माता व्रत 2026 के लाभ
घर की खराब दशा में सुधार आता है।
आर्थिक स्थिति कमजोर घरों के लिए विशेष रूप से लाभकारी।
घर में सुख-शांति और धन की वृद्धि होती है।
परिवार में समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।
धार्मिक मान्यता है कि यदि व्रत को विधिपूर्वक किया जाए तो घर की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और परिवार में सुख-शांति का माहौल बनता है। इसलिए इस साल Dasha Mata Vrat 2026 को श्रद्धा और भक्ति भाव से अवश्य करें।
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