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दुष्काल घोषणा सत्याग्रह में इसुदान गढ़वी का प्लान B: 108 अकालग्रस्त तालुकाओं के गांवों तक पहुंचेगा आंदोलन

गुजरात में दुष्काल घोषणा सत्याग्रह के तहत इसुदान गढ़वी ने प्लान B का ऐलान किया। 108 तालुकाओं में गांव-गांव जाकर किसानों से आवेदन भरवाए जाएंगे।

गुजरात में किसानों और पशुपालकों के लिए सूखे की घोषणा की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी का आंदोलन अब अगले चरण में पहुंच गया है। AAP गुजरात प्रदेश अध्यक्ष और किसान नेता इसुदान गढ़वी ने खंभालिया में मीडिया से बातचीत के दौरान दुष्काल घोषणा सत्याग्रह के तहत प्लान B का ऐलान किया।

इसुदान गढ़वी ने कहा कि अब आंदोलन को 108 अकालग्रस्त तालुकाओं के सैकड़ों गांवों तक ले जाया जाएगा। पार्टी ने इसके लिए 108 टीमें तैयार की हैं। प्रत्येक तालुका में करीब 100 लोगों की टीम के साथ गांव स्तर पर भी अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी।

गांव-गांव जाकर किसानों से भरवाए जाएंगे आवेदन

इसुदान गढ़वी के मुताबिक दुष्काल घोषणा सत्याग्रह के अगले चरण में AAP के नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों और पशुपालकों से सूखा राहत से संबंधित आवेदन भरवाएंगे।

उन्होंने कहा कि पार्टी की टीमें अलग-अलग जिलों में पहुंचेंगी और स्थानीय किसानों के साथ बैठकें करेंगी। उनका कहना है कि 1 अक्टूबर तक आवेदन भरवाने का अभियान चलाया जाएगा।

गढ़वी ने बताया कि वह खुद भी गुजरात के लगभग सभी प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे। साबरकांठा, कच्छ समेत कई क्षेत्रों से उन्हें और पार्टी कार्यकर्ताओं को बुलाया जा रहा है।

2 अक्टूबर को गांधीनगर में होगा सत्याग्रह

प्लान B के तहत आवेदन अभियान पूरा होने के बाद 2 अक्टूबर को गांधीनगर में बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई है। इसुदान गढ़वी के अनुसार, महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर “चलो गांधीनगर” के नारे के साथ सत्याग्रह किया जाएगा।

AAP नेता ने कहा कि इस दौरान किसानों द्वारा किए गए लाखों हस्ताक्षरों और भरे गए आवेदनों को सरकार के सामने रखा जाएगा। पार्टी सरकार से प्रभावित किसानों और पशुपालकों के लिए उचित राहत और मुआवजे की मांग करेगी।

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राहत राशि मिलने तक आंदोलन जारी रखने का दावा

इसुदान गढ़वी ने कहा कि किसानों के खातों में सहायता की राशि पहुंचने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से किसानों के आवेदन पर कार्रवाई करने और राहत उपलब्ध कराने की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्लान B और दिए गए अल्टीमेटम के बाद भी सरकार सूखा घोषित नहीं करती है, तो आम आदमी पार्टी आगे प्लान C की घोषणा करेगी।

गढ़वी ने सरकार के संभावित सर्वे को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी किसानों से पहले ही आवेदन भरवाकर उनकी समस्याओं और जरूरतों को सामने रखेगी।

मनोज सौरठिया ने सरकार पर साधा निशाना

सत्याग्रह के दौरान AAP के प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सौरठिया ने भी सरकार पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों में दुष्काल घोषित करे, ताकि किसानों और पशुपालकों को राहत देने के कदम उठाए जा सकें।

सौरठिया ने दावा किया कि किसान कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं और सरकार को उनकी स्थिति पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। उन्होंने किसानों के हितों को लेकर आंदोलन को और व्यापक बनाने की बात कही।

उन्होंने भाजपा सरकार पर राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। हालांकि, उनके कई आरोप राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आए हैं और सरकार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।

पायल साकरिया ने किसानों की स्थिति पर उठाए सवाल

AAP गुजरात महिला मोर्चा अध्यक्ष पायल साकरिया ने भी किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसान पूरे साल मेहनत करते हैं और फसल के उचित दाम की उम्मीद रखते हैं, लेकिन बाजार में कई बार उन्हें अपेक्षा के मुताबिक कीमत नहीं मिलती।

साकरिया ने कहा कि किसानों, युवाओं और छात्रों को अपनी मांगों के लिए बार-बार आंदोलन करना पड़ता है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर चुनाव के बाद जनता से दूरी बनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने द्वारका के विधायक की ओर से घोषित संपत्ति का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि यदि तीन दशक से सत्ता में रहने के बावजूद किसानों की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

किसान राहत की मांग पर AAP का आंदोलन जारी

दुष्काल घोषणा सत्याग्रह के जरिए आम आदमी पार्टी अब आंदोलन को गांवों तक पहुंचाने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि 108 अकालग्रस्त तालुकाओं में स्थानीय स्तर पर किसानों और पशुपालकों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को दर्ज किया जाएगा।

दुष्काल घोषणा सत्याग्रह के प्लान B में आवेदन अभियान, गांव स्तर की बैठकें और 2 अक्टूबर को गांधीनगर में प्रदर्शन प्रमुख चरण होंगे। AAP के मुताबिक, अगर सरकार किसानों की मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन का अगला चरण यानी प्लान C घोषित किया जाएगा।

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