स्वास्थ्य

हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए करें ये प्राणायाम

आजकल हाई ब्लड प्रेशर की समस्या सभी आयु वर्ग के लोगों में देखा जाना आम हो गया है। इसे हाइपरटेंशन और साइलेंट किलर भी कहा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को हृदय रोग और स्ट्रोक का अधिक खतरा होता है। इसे कंट्रोल में रखने के लिए दवाइयों के साथ नियमित रूप से कुछ खास प्राणायाम भी कर सकते हैं। इससे आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहेगा।

हाई ब्लड प्रेशर के क्या हैं लक्षण
हाई बी में सांस लेने में कठिनाई, थकान महसूस होना, सिर दर्द, चक्कर आना और सीने में दर्द जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। ऐसे में इन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यह हृदय रोगों को कारण बन सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर के लिए प्राणायाम
आयुर्वेद में योग का अहम स्थान है। नियमित रूप से योग करके प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है। योग व्यक्ति को निरोगी बनाता है, साथ ही आयु भी लंबी करता है। इसलिए हाई ब्लड प्रेशर में भी योग या प्राणायाम फायदेमंद है।

शीतली प्राणायाम

पित्त प्रकृति के लोगों के लिए शीतली प्राणायाम करना काफी लाभकारी है। यह एसिडिटी और पेट के अल्सर तक की समस्या दूर करता है। इसे करने से पाचन शक्ति मजबूत बनी रहती है। शीतली प्राणायाम ब्लड प्रेशर को भी कम करता है।

शीतली प्राणायाम करने का तरीका

शीतली प्राणायाम करने के लिए साफ.सुथरी जगह पर मैट पर बैठ जाएं।
अब अपनी जीभ बाहर निकालें और पाइप की तरह आकार दें।
इसके बाद जीभ के सहारे सांस लें और पेट में भरकर मुंह बंद कर लें।
जबड़े के अगले हिस्से को छाती से सटा लें।
इसके बाद सांस रोकें और गर्दन की सीधा करके नाक से सांस बाहर निकाल दें।
यानी इस प्राणायाम में आपको जीभ के सहारे सांस को धीरे-धीरे अंदर लेना है और फिर छोड़ना है।

अनुलोम विलोम
नियमित रूप से सुबह या खाली पेट अनुलोम विलोम करना स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। अनुलोम विलोम करने से फेफड़े ताकतवर बनते हैं, इससे ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है। इसे करने से तनाव भी दूर होता है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए भी अनुलोम विलोम का अभ्यास किया जा सकता है।

करने की विधि
अनुलोम विलोम करने के लिए सबसे पहले किसी शांत वातावरण में एक मैट बिछा लें।
इस पर पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं।
अब अपने दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका को बंद करें, बाईं नासिका से सांस लें।
इसके बाद बाईं नासिका को बंद करें और दाईं नासिका से सांस छोड़ दें।
फिर बाईं नासिका को बंद करें, दाईं नासिका से सांस लें और बाईं नासिका से छोड़ दें।
आप इस प्रक्रिया को करीब 10 मिनट तक कर सकते हैं।

भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम करने से आप हमेशा तनावमुक्त रह सकते हैं। इस प्राणायाम को रोजाना करने थायराइड, साइनस की समस्या से राहत मिलती है। इसके साथ ही भ्रामरी प्राणायाम करने से माइग्रेन रोग भी दूर होती है। अगर नियमित रूप से भ्रामरी प्राणायाम किया जाए, तो ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल में रखा जा सकता है।

जानें भ्रामरी प्राणायाम की विधि

भ्रामरी प्राणायाम करने के लिए सबसे पहले एक मैट पर पद्मासन या सुखासन में बैठ जाएं।
अब अपने दोनों हाथों के अंगूठों से कान बंद कर लें।
इसके बाद तर्जनी उंगुली को माथे पर रखें।
मध्यमा, अनामिक और कनिष्का उंगुली को आंखों के ऊपर रख दें।
अपने मुंह को बंद रखें। इसके बाद सामान्य गति से नाक से सांस लें।
अब नाक से ही मधुमक्खी की तरह आवाज निकालते हुए सांस छोड़ें।
इस प्रक्रिया को आप करीब 5 मिनट तक दोहरा सकते हैं।

सुखासन, बालासन, शवासन और भुजंगासन भी हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए लाभकारी होता है। आप योगासन और प्राणायाम के माध्यम से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकते हैं।

Related Articles

Back to top button
Share This
9 Tourist Attractions You Shouldn’t Miss In Haridwar चेहरे पर चाहिए चांद जैसा नूर तो इस तरह लगायें आलू का फेस मास्क हर दिन खायेंगे सूरजमुखी के बीज तो मिलेंगे इतने फायदे हर दिन लिपस्टिक लगाने से शरीर में होते हैं ये बड़े नुकसान गर्मियों के मौसम में स्टाइलिश दिखने के साथ-साथ रहना कंफर्टेबल तो पहनें ऐसे ब्लाउज
9 Tourist Attractions You Shouldn’t Miss In Haridwar चेहरे पर चाहिए चांद जैसा नूर तो इस तरह लगायें आलू का फेस मास्क हर दिन खायेंगे सूरजमुखी के बीज तो मिलेंगे इतने फायदे हर दिन लिपस्टिक लगाने से शरीर में होते हैं ये बड़े नुकसान गर्मियों के मौसम में स्टाइलिश दिखने के साथ-साथ रहना कंफर्टेबल तो पहनें ऐसे ब्लाउज