घर के मंदिर में शिवलिंग रखना सही है या नहीं? सावन में जानें शास्त्रों के अनुसार जरूरी नियम
सावन में जानें क्या घर के मंदिर में शिवलिंग रखना शुभ है या नहीं। शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग स्थापना और पूजा के जरूरी नियम पढ़ें।
घर के मंदिर में शिवलिंग रखना सही है या नहीं: सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं। सावन आते ही कई भक्तों के मन में एक सवाल जरूर आता है कि क्या घर के मंदिर में शिवलिंग रखना शुभ होता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में शिवलिंग स्थापित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है। शास्त्रों में शिवलिंग की स्थापना और पूजा को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं।
क्या घर के मंदिर में शिवलिंग रखना शुभ माना जाता है?
धर्म ग्रंथों के अनुसार, घर में शिवलिंग रखना शुभ और फलदायी माना जाता है। हालांकि, घर के लिए शिवलिंग का चयन करते समय उसके आकार और पूजा विधि का ध्यान रखना जरूरी होता है।
मान्यताओं के अनुसार, घर में रखा जाने वाला शिवलिंग बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए। शिवलिंग का आकार अंगूठे के बराबर या लगभग 2 से 3 इंच तक होना शुभ माना जाता है। साथ ही इसकी नियमित पूजा और अभिषेक करना आवश्यक बताया गया है।
घर में कौन सा शिवलिंग रखना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में नर्मदेश्वर शिवलिंग और पारद शिवलिंग रखना शुभ माना जाता है।
नर्मदेश्वर शिवलिंग का महत्व
नर्मदेश्वर शिवलिंग को बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि यह शिवलिंग नर्मदा नदी से प्राप्त होता है और इसे स्वयंभू स्वरूप माना जाता है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव ने मां नर्मदा को वरदान दिया था कि उनके तट पर मिलने वाला हर पत्थर शिव स्वरूप माना जाएगा। इसी कारण नर्मदेश्वर शिवलिंग की विशेष धार्मिक मान्यता है।
पारद शिवलिंग क्या होता है?
पारद शिवलिंग पारे से निर्मित होता है और इसे दुर्लभ शिवलिंगों में शामिल किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पारद शिवलिंग की पूजा करने से सुख-समृद्धि, आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
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घर के मंदिर में शिवलिंग रखने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
घर में शिवलिंग स्थापित करते समय कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है।
शिवलिंग का आकार अंगूठे से बड़ा नहीं होना चाहिए।
शिवलिंग की जलधारी का मुख उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है।
शिवलिंग को हमेशा साफ और पवित्र स्थान पर स्थापित करें।
शिवलिंग के साथ भगवान शिव परिवार की प्रतिमा रखना भी शुभ माना जाता है।
नियमित रूप से जलाभिषेक और पूजा करनी चाहिए।
घर के मंदिर में शिवलिंग की पूजा के नियम
अगर घर में शिवलिंग स्थापित है तो उसकी पूजा करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
जलाभिषेक करते समय भक्त का मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
शिवलिंग पर रोजाना जल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करें।
अभिषेक के दौरान “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
पूजा के अंत में भगवान शिव की आरती जरूर करें।
सावन में बढ़ जाता है शिव आराधना का महत्व
सावन महीने में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं, जलाभिषेक करते हैं और शिव मंत्रों का जाप करते हैं। मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से की गई शिव भक्ति से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
हालांकि, धार्मिक मान्यताएं आस्था पर आधारित होती हैं। किसी भी पूजा या धार्मिक अनुष्ठान को अपनी परंपरा और श्रद्धा के अनुसार करना उचित माना जाता है।
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