भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: ‘किसानों के लिए डेथ वारंट’, AAP का BJP पर तीखा हमला

आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब ने भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने इस समझौते को “किसान-विरोधी और देश-विरोधी” करार देते हुए दावा किया है कि यह भारतीय कृषि क्षेत्र को पूरी तरह तबाह कर देगा।

“ट्रंप के ट्वीट से मिली समझौते की जानकारी”

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को इस बड़े समझौते की जानकारी संसद से नहीं, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट से मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश को अंधेरे में रखकर यह “आर्थिक समर्पण” किया है।

इन फसलों और राज्यों पर मंडरा रहा है खतरा

धालीवाल ने आगाह किया कि अमेरिकी कृषि उत्पादों पर टैरिफ (आयात शुल्क) कम करने से भारतीय बाजार में विदेशी माल की बाढ़ आ जाएगी। इसका सीधा असर इन राज्यों और फसलों पर पड़ेगा:

व्यापार समझौता या ‘आर्थिक समर्पण’?

धालीवाल ने टैरिफ के आंकड़ों के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा:

“पहले भारतीय सामान पर 2.8% टैरिफ लगता था, जिसे ट्रंप ने बढ़ाकर 50% किया और अब यह 18% है। इसके विपरीत, भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ 60% से घटाकर लगभग शून्य कर दिया है। यह व्यापार नहीं, बल्कि भारतीय हितों का सरेंडर है।”

सुनील जाखड़ को सीधी चुनौती

भाजपा नेता सुनील जाखड़ पर पलटवार करते हुए धालीवाल ने कहा कि जाखड़ इस समझौते का जश्न मना रहे हैं जबकि वे इसके विनाशकारी परिणामों को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने पूछा, “जाखड़ साहब, जब अमेरिकी लाल ज्वार और डेयरी उत्पाद बाजार में छा जाएंगे, तो भारत का छोटा किसान कहां जाएगा? अपने राजनीतिक आकाओं के बजाय किसानों के हक में बोलिए।”

AAP की चेतावनी: जारी रहेगा विरोध

आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि वे इस “किसान-विरोधी साजिश” का हर स्तर पर पर्दाफाश करेंगे। पार्टी का मानना है कि सब्सिडी वाले अमेरिकी उत्पादों के सामने भारतीय किसान टिक नहीं पाएंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था दिवालियापन और आत्महत्याओं की ओर बढ़ सकती है।

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