पंजाब की राजनीति में ‘नशे’ के मुद्दे पर घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी पर तीखा हमला बोला है। पन्नू ने चन्नी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए उस वीडियो को ‘ओछी हरकत’ करार दिया है, जिसमें उन्होंने नशे (चिट्टे) के ठिकानों का जिक्र किया था।
‘नशा तस्करों के ब्रांड एंबेसडर की तरह काम कर रहे चन्नी’
बलतेज पन्नू ने कड़े शब्दों में कहा कि एक सांसद जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को नशा रोकने में मदद करनी चाहिए, न कि नशा बिकने वाली जगहों को प्रमोट करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए पूछा:
“क्या चरणजीत सिंह चन्नी अब पंजाब में नशा बेचने वालों के ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम कर रहे हैं? वीडियो के जरिए नशे के ठिकानों का प्रचार करना एक सोची-समझी साजिश है।”
अकाली और कांग्रेस सरकारों पर साधा निशाना
पन्नू ने पंजाब में नशे की जड़ें गहरी होने के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि:
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अकाली-भाजपा शासन (10 साल): नशे को फलने-फूलने का मौका दिया गया।
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कैप्टन और चन्नी सरकार: नशा रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
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वर्तमान स्थिति: सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान से तस्करों में खौफ है।
‘नशा विरोधी मुहिम को कमजोर करने की कोशिश’
पन्नू ने आरोप लगाया कि जब पंजाब सरकार और जनता मिलकर नशे के खिलाफ जंग लड़ रही है, तब चन्नी जैसे नेता वीडियो डालकर यह बता रहे हैं कि चिट्टा कहां उपलब्ध है। यह सीधे तौर पर सरकार की मुहिम में बाधा डालने और नशे के सौदागरों की मदद करने जैसा है।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी से स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि पार्टी नेतृत्व यह स्पष्ट करे कि वे नशा मुक्ति के साथ हैं या नशा बेचने वालों के साथ?
