पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में एक नया इतिहास रचते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ के तहत आज राज्यव्यापी दूसरी मेगा स्कूल-स्तरीय पेरेंट्स वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक पहल में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 17.50 लाख से अधिक माता-पिताओं ने शिरकत की।
पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस ने खुद श्री आनंदपुर साहिब के सरकारी हाई स्कूल, मानकपुर (नंगल) में इस वर्कशॉप में हिस्सा लिया और अभिभावकों व छात्रों से सीधा संवाद किया।
वर्कशॉप की मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य
इस मेगा इवेंट का आयोजन स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) के नेतृत्व में किया गया। इस वर्कशॉप के तीन मुख्य स्तंभ रहे:
-
परीक्षा की तैयारी: बच्चों को तनाव-मुक्त होकर परीक्षाओं की तैयारी करने की रणनीतियां साझा करना।
-
आत्मविश्वास में वृद्धि: सकारात्मक व्यवहार के जरिए छात्रों का मनोबल बढ़ाना।
-
नशा विरोधी अभियान: पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के तहत नशों के दुष्प्रभावों और रोकथाम के प्रति जागरूकता फैलाना।
प्रशासनिक मुस्तैदी: 40,000 शिक्षकों को दी गई थी विशेष ट्रेनिंग
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए थे:
-
वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती: कुल 3,000 से अधिक अधिकारियों (निदेशकों और DEOs सहित) ने जमीनी स्तर पर निगरानी की।
-
प्रशिक्षित शिक्षक: आयोजन से पहले लगभग 40,000 अध्यापकों को विशेष ट्रेनिंग दी गई थी ताकि वे अभिभावकों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें।
-
राजनीतिक भागीदारी: कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर, श्री लालचंद कटारूचक, श्री तरुनप्रीत सिंह सौंद, श्री हरदीप सिंह मुंडियां और 40 से अधिक विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों में हिस्सा लेकर सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया।
“दिसंबर 2025 की सफलता के बाद एक नया मानक”
श्री हरजोत सिंह बैंस के अनुसार, दिसंबर 2025 में आयोजित पहली वर्कशॉप की सफलता के बाद अब दूसरी वर्कशॉप ने स्कूल और घर के बीच की दूरी को खत्म कर दिया है।
“यह वर्कशॉप बच्चों की शैक्षिक सफलता और उनके समग्र स्वास्थ्य के लिए एक सहयोगी घरेलू माहौल तैयार करने के हमारे मिशन का आधार है। हम चाहते हैं कि हर माता-पिता अपने बच्चे के शैक्षिक सफर में सक्रिय भागीदार बनें।” – हरजोत सिंह बैंस, शिक्षा मंत्री
