बाजवा मांगें माफी या कार्रवाई को रहें तैयार’, हरभजन सिंह ETO पर टिप्पणी से गरमाई पंजाब की सियासत

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. (Harbhajan Singh ETO) पर की गई टिप्पणी ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे दलित समुदाय का अपमान बताते हुए कांग्रेस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

मुख्य बातें: एक नजर में


“मेहनत का अपमान बर्दाश्त नहीं”: हरपाल सिंह चीमा

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बाजवा के बयान को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया। उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह ई.टी.ओ. एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने गरीबी से लड़कर सिविल सर्विस की परीक्षा पास की और अधिकारी बने। समाज सेवा के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी।

चीमा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा:

“कांग्रेस हमेशा से दलित विरोधी रही है। कभी वे दलित मंत्रियों को ‘मटीरियल’ कहते हैं तो कभी ‘बाजे वाले’। यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज और पंजाब के उन बच्चों का अपमान है जो अपनी मेहनत से आगे बढ़ना चाहते हैं।”


“कांग्रेस का इतिहास ही दलित विरोधी”: लाल चंद कटारूचक

वन मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बाजवा की सामंती मानसिकता पर निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया कि बाजवा पहले भी अपनी ही पार्टी के दलित नेताओं की तुलना ‘टट्टुओं’ से कर चुके हैं।

कटारूचक ने उठाए गंभीर सवाल:

  1. क्या एक मेहनतकश परिवार का बेटा कैबिनेट मंत्री नहीं बन सकता?

  2. कांग्रेस ने बाबा साहेब अंबेडकर को संसद पहुंचने से रोकने के लिए साजिशें क्यों रची थीं?

  3. गुरु साहिब ने ‘रंगरेटे गुरु के बेटे’ कहकर जिन्हें गले लगाया, कांग्रेस उनका मजाक क्यों उड़ा रही है?

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर बाजवा ने अपनी सोच नहीं बदली, तो 2027 के चुनावों में जनता कांग्रेस का ‘बैंड-बाजा’ बजा देगी।


“नफरत छोड़ें बाजवा”: बलतेज पन्नू

‘आप’ पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि कांग्रेस को यह हजम नहीं हो रहा कि आम घरों के लोग अब सत्ता संभाल रहे हैं। उन्होंने गर्व से कहा कि अगर मंत्री जी के परिवार का संबंध बैंड-बाजे के कारोबार से रहा है, तो यह उनके संघर्ष और सफलता की मिसाल है, मजाक का विषय नहीं।

क्या होगा अगला कदम?

आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस पार्टी सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी मोर्चा खोला जाएगा।

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