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खेजड़ी संरक्षण आंदोलन: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिले साधु-संत, पूर्व मंत्री ने खोला मोर्चा

बीकानेर में खेजड़ी संरक्षण आंदोलन जारी, पूर्व मंत्री बी.डी. कल्ला ने खोला मोर्चा; मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से साधु-संतों ने ली मुलाकात और सख्त कानून बनाने का आश्वासन दिया।

बीकानेर में खेजड़ी संरक्षण को लेकर जारी आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के आश्वासन के बावजूद खेजड़ी बचाओ आंदोलन अभी भी सक्रिय है। प्रतिदिन लगभग 50 लोग क्रमिक अनशन पर बैठते हैं और धरना लगातार जारी है। श्रद्धालु और पर्यावरण प्रेमी खेजड़ी को बचाने के समर्थन में बीकानेर पहुंच रहे हैं।

पांच तारीख को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में खेजड़ी संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद साधु-संतों का आमरण अनशन समाप्त कर दिया गया। लेकिन आठ तारीख की रात कांग्रेस की ओसियां से पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने सोशल मीडिया पर खेजड़ी कटाई से जुड़े वीडियो और तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने दावा किया कि रविवार की रात सौ से अधिक खेजड़ी के पेड़ काटे गए।

इस घटनाक्रम के बाद संत समाज का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को मुख्यमंत्री से मिलने जयपुर स्थित उनके आवास पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने खेजड़ी संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाने की मांग दोहराई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संत समाज को आश्वासन दिया कि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। संत समाज का प्रतिनिधिमंडल इसके बाद बीकानेर लौट आया और धरना स्थल पर बैठे लोग अगले दिशा-निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।

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संतों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, “संत समाज और बिश्नोई समुदाय द्वारा हमें मिली स्नेह और आशीर्वाद हमें प्रदेश की सेवा के लिए नई ऊर्जा प्रदान करता है। प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा हमारी संस्कृति का आधार है, जिसे हम सभी मिलकर और सुदृढ़ करेंगे।”

इसी बीच, कांग्रेस के पूर्व मंत्री बी.डी. कल्ला ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि खेजड़ी को बचाने के लिए कानून में देरी समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधानसभा का सत्र एक दिन के लिए बढ़ाया गया था, तब सरकार चाहती तो कानून पेश किया जा सकता था। बी.डी. कल्ला ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री सदन में स्पष्ट रूप से यह आश्वासन दें कि 15 दिन के भीतर कानून लाया जाएगा, तो पूरा आंदोलन और अनशन स्वतः समाप्त हो सकता है।

बीकानेर में खेजड़ी संरक्षण आंदोलन पर्यावरण प्रेमियों, साधु-संतों और पूर्व नेताओं की सक्रिय भागीदारी के चलते लगातार सुर्खियों में है। खेजड़ी को बचाने के लिए आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता के परिणाम का सभी को इंतजार है।

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