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कुलदीप सिंह धालीवाल ने प्रताप बाजवा को घेरा: ‘संगरूर की बलिदानी धरती का अपमान बर्दाश्त नहीं’

कुलदीप सिंह धालीवाल ने प्रताप बाजवा की संगरूर पर बयानबाजी की कड़ी निंदा की, कहा: “इस भूमि का अपमान बर्दाश्त नहीं।”

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा संगरूर को लेकर दिए गए हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अमृतसर में आयोजित एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धालीवाल ने बाजवा के शब्दों को “शर्मनाक” और “घटिया राजनीति” का प्रतीक बताया।

संगरूर सिर्फ शहर नहीं, एक इतिहास है: कुलदीप सिंह धालीवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा को किसी भी क्षेत्र पर टिप्पणी करने से पहले उसका गौरवशाली इतिहास जान लेना चाहिए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “संगरूर की धरती ने पंजाब को महान क्रांतिकारी योद्धा और निस्वार्थ सेवा करने वाले सपूत दिए हैं। यह वह भूमि है जिसने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की है।”

भ्रष्टाचार के अंत की शुरुआत संगरूर से हुई

धालीवाल ने बाजवा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी पंजाब को दिशा दिखाने की जरूरत पड़ी, संगरूर के लोग सबसे आगे रहे। कुलदीप सिंह धालीवाल के अनुसार, पंजाब में दशकों से चली आ रही लूट और भ्रष्टाचार की राजनीति को जड़ से उखाड़ने के लिए संगरूर की जनता ने ही सबसे बड़ा आंदोलन खड़ा किया था। आज उसी संघर्ष की बदौलत पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार जनहित के कार्य कर रही है।

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बाजवा की बयानबाजी पर कड़ा एतराज

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी क्षेत्र के लोगों की भावनाओं और वहां के इतिहास का अपमान करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रताप बाजवा को अपनी इस “घटिया बयानबाजी” के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए और भविष्य में इस तरह की टिप्पणियों से परहेज करना चाहिए।

आम आदमी पार्टी का संघर्ष और संगरूर

लेख के अंत में कुलदीप सिंह धालीवाल ने दोहराया कि आम आदमी पार्टी का वजूद और पंजाब में उसका उदय संगरूर के लोगों की सक्रिय भागीदारी के बिना अधूरा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगरूर के निवासियों का बलिदान पंजाब के इतिहास का एक अमिट हिस्सा है जिसे कोई भी नेता अपनी बयानबाजी से कम नहीं कर सकता।

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