माघ माह 2026: 3 या 4 जनवरी से शुरू, जानें क्या करें और क्या नहीं
माघ माह 2026 4 जनवरी से शुरू: जानें माघ मास का महत्व, इस माह में क्या करें, क्या न करें और धार्मिक पूजा-अर्चना के उपाय। स्नान, दान और तीर्थ यात्रा से मोक्ष प्राप्त करें।
सनातन धर्म में प्रत्येक माह का अपना महत्व होता है, लेकिन माघ माह को विशेष रूप से मोक्ष प्राप्ति का महीना माना जाता है। 2026 में माघ माह 4 जनवरी से शुरू होकर अगले माह 1 फरवरी तक चलेगा। इस माह में स्नान, दान और पूजा का अत्यधिक महत्व है, जिससे न केवल पापों से मुक्ति मिलती है बल्कि परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
माघ माह का महत्व
पद्मपुराण में कहा गया है कि भगवान विष्णु को व्रत, तपस्या या दान से उतनी प्रसन्नता नहीं मिलती, जितनी माघ में स्नान मात्र से होती है। इसी माह प्रयागराज में माघ मेला भी आयोजित होता है, जहां श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाते हैं। ऐसा माना जाता है कि माघ मास में स्नान करने से शरीर रोगमुक्त रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
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माघ मास में क्या करें?
गंगा, त्रिवेणी संगम या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि संभव न हो तो घर में गंगाजल और तिल मिलाकर स्नान कर लें।
भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें।
तिल का दान और सेवन करें।
इस माह में तीर्थ यात्रा करना शुभ माना गया है।
माघ मास में क्या न करें?
सूर्योदय के बाद देर तक सोना वर्जित है।
मूली का सेवन न करें।
मांसाहार, शराब और अन्य तामसिक चीजों से दूर रहें।
किसी से कटु वाणी न बोलें।
माघ मास 2026 का यह महीना विशेष रूप से आध्यात्मिक लाभ और पापों से मुक्ति पाने का अवसर प्रदान करता है। श्रद्धालुओं के लिए यही समय है कि वे इस माह में धार्मिक अनुष्ठान और दान-पुण्य के माध्यम से जीवन में सुख और समृद्धि लाएं।
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