राज्यदिल्ली

ओमान तट हादसा: 3 भारतीयों की मौत पर अरविंद केजरीवाल का बयान, पीएम मोदी और ट्रंप पर उठाए सवाल

ओमान तट के पास हुए हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत, अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी और ट्रंप पर साधा निशाना, विपक्ष ने उठाए सवाल।

ओमान के पास होर्मुज स्ट्रेट के नजदीक हुए एक दर्दनाक समुद्री हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर भी तीखी टिप्पणी की है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, 11 जून को ओमान तट के पास पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी सेट्टेबेलो पर हमला हुआ था। यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यह महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

इस हमले में जहाज पर सवार तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी, जिनकी पहचान चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश, डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया के रूप में हुई है।

कैसे हुई घटना?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के बाद जहाज पर अफरा-तफरी मच गई और तीनों भारतीय नाविक लापता हो गए थे। बाद में उनके शव बरामद किए गए। इस घटना में कुल 21 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था।

बताया जा रहा है कि जहाज पर ड्रोन या किसी प्रकार के विस्फोटक हमले की आशंका जताई गई है, हालांकि आधिकारिक जांच अभी जारी है।

अरविंद केजरीवाल का बयान और राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना को लेकर अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब यह घटना हुई और तीन भारतीयों की जान गई, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी अंतरराष्ट्रीय बैठकों में डोनाल्ड ट्रंप
की तारीफ की।

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि भारत का नेतृत्व और अधिक सशक्त होता, तो वह इस मामले में सख्त रुख अपनाता और संबंधित पक्ष से जवाबदेही तय करता। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार को इस तरह की घटनाओं पर कठोर कूटनीतिक प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी।

विपक्ष का केंद्र सरकार पर हमला

इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की मजबूत स्थिति होने के बावजूद ऐसे मामलों में कूटनीतिक दबाव और स्पष्ट प्रतिक्रिया की कमी दिखाई देती है।

हालांकि, सरकार की ओर से अब तक इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार घटना की जांच संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से की जा रही है।

मृतकों के परिवारों का दर्द

इस हादसे में मारे गए पटनाला सुरेश के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी भार्गवी ने बताया कि उन्हें सबसे पहले यह जानकारी मिली थी कि जहाज पर ड्रोन हमला हुआ है और उनके पति सहित कुछ लोग लापता हैं।

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