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पद्मिनी एकादशी व्रत 2026: पद्मिनी एकादशी की रात करें ये खास उपाय, दूर होगी आर्थिक तंगी

पद्मिनी एकादशी व्रत 2026 पर जानें खास उपाय, जो आर्थिक तंगी दूर कर सुख-समृद्धि और धन लाभ दिलाने में सहायक माने जाते हैं।

पद्मिनी एकादशी व्रत  हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और दुर्लभ माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष में आता है और लगभग तीन वर्ष में एक बार पड़ता है, इसलिए इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पापों का नाश होता है।

पद्मिनी एकादशी व्रत का महत्व

पद्मिनी एकादशी व्रत को पुरुषोत्तमी या कमला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने पर विशेष पुण्य प्राप्त होता है। पद्म पुराण के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में धन-धान्य की वृद्धि होती है और सभी प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं।

पद्मिनी एकादशी व्रत पर करें ये खास उपाय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पद्मिनी एकादशी व्रत की रात किए गए कुछ विशेष उपाय बेहद फलदायी माने जाते हैं।

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नौ बत्तियों वाला दीपक जलाने का उपाय

एकादशी की रात भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने गाय के घी का नौ बत्तियों वाला दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। इसे नवग्रह दीपक भी कहा जाता है।

दीपक जलाते समय
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कमलवासिन्यै स्वाहा” या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।

मान्यता है कि यह उपाय रुका हुआ धन वापस दिलाने में सहायक होता है और आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है। इसी कारण पद्मिनी एकादशी व्रत को विशेष फलदायी माना जाता है।

तुलसी से जुड़ा उपाय भी लाभकारी

पद्मिनी एकादशी व्रत  के दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इसके बाद तुलसी माता की 11 या 21 बार परिक्रमा करते हुए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

ध्यान रखने योग्य बात यह है कि एकादशी के दिन तुलसी में जल अर्पित नहीं करना चाहिए और न ही पत्ते तोड़ने चाहिए।

पद्मिनी एकादशी व्रत का धार्मिक लाभ

शास्त्रों के अनुसार, पद्मिनी एकादशी व्रत करने से बड़े से बड़े पापों का नाश होता है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन उपवास, दान और पूजा करने से अश्वमेध यज्ञ के समान फल मिलता है। साथ ही यह व्रत आर्थिक संकट, मानसिक तनाव और पारिवारिक समस्याओं को दूर करने में भी सहायक माना गया है।

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