मनोरंजनट्रेंडिंग

पोस्टपार्टम स्ट्रगल में Parineeti Chopra को मिला सुकून, हनुमान चालीसा बनी उनकी शांति का मंत्र

बॉलीवुड एक्ट्रेस Parineeti Chopra ने पोस्टपार्टम स्ट्रगल के दौरान मानसिक शांति के लिए हनुमान चालीसा और सुबह के रूटीन से कैसे पाया सुकून, जानें उनके टिप्स।

बॉलीवुड एक्ट्रेस और पॉलिटिशियन राघव चड्ढा की पत्नी Parineeti Chopra ने हाल ही में अपनी पोस्टपार्टम जर्नी के अनुभवों को साझा किया। अक्टूबर 2025 में मां बनने वाली परिणीति ने खुलासा किया कि अपने नए मातृत्व के शुरुआती महीनों में उन्होंने खुद को शांत और मानसिक रूप से मजबूत रखने के लिए कौन से उपाय अपनाए।

Parineeti Chopra ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे सुबह के समय सेल फोन का इस्तेमाल न करना और मंत्रों का जाप करना उन्हें मानसिक शांति देता है। उन्होंने कहा, “अगर आपका दिमाग पॉजिटिव है तो आपका शरीर भी उसी दिशा में काम करता है। सुबह उठते ही फोन में स्क्रॉलिंग करना सबसे बुरी आदत है। इसके बजाय आप नेचर की आवाज़ सुनें, म्यूजिक सुनें या सिर्फ़ खुद के साथ समय बिताएं। इससे आप दिन भर शांत रह सकते हैं।”

हनुमान चालीसा से मिली सुकून की ऊर्जा

Parineeti Chopra ने यह भी बताया कि हनुमान चालीसा और नमामि शमीशम के जाप से उन्हें अपने दिन की शुरुआत में सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा, “पोस्टपार्टम के दौरान भी मैंने खुद को शांत रखने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया। इससे मेरे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर अच्छा प्रभाव पड़ा। जब मैं सुबह बिस्तर से उठती हूं, तो यह मेरे लिए एक पॉजिटिव शुरुआत होती है।”

also read:- अविका गौर (Avika Gaur) ने प्रेग्नेंसी अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, शादी के चार महीने बाद मां बनने की खबर खारिज

एक्ट्रेस Parineeti Chopra ने आगे कहा कि इससे न केवल उनका मन शांत रहता है बल्कि वे दिन भर आने वाली परेशानियों और स्ट्रेस को भी अच्छे से हैंडल कर पाती हैं। उन्होंने कहा, “जब आप पॉजिटिव सोच के साथ दिन की शुरुआत करते हैं, तो दिन में जो कुछ भी होता है, उसके प्रति आपका रिएक्शन नियंत्रित रहता है।”

बेटे नीर के साथ मिली नई खुशी

Parineeti Chopra और राघव ने अक्टूबर 2025 में अपने पहले बच्चे का स्वागत किया। उन्होंने बेटे का नाम ‘नीर’ रखा है। कपल ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था, “हमारे दिलों को जिंदगी की एक अनंत बूंद में सुकून मिला। हमने उसका नाम ‘नीर’ रखा है – पवित्र, दिव्य, असीमित।”

Parineeti Chopra के इस अनुभव ने नई माताओं के लिए एक उदाहरण पेश किया है कि कैसे पोस्टपार्टम स्ट्रगल के दौरान मानसिक शांति और सकारात्मक सोच बनाए रखी जा सकती है।

For English News: http://newz24india.in

Related Articles

Back to top button