प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मलेशिया के टॉप उद्योगपतियों की मुलाकात में भारत में अरबों डॉलर निवेश, ऊर्जा साझेदारी और तकनीकी सहयोग के संकेत। भारत-मलेशिया आर्थिक संबंधों को नई ऊँचाई।
भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और निवेश-अनुकूल माहौल ने एक बार फिर वैश्विक उद्योग जगत का ध्यान खींचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रविवार को मलेशिया के चार प्रमुख उद्योगपतियों ने मुलाकात की, जिसमें भारत में बड़े पैमाने पर निवेश, ऊर्जा सहयोग और उभरते सेक्टरों में साझेदारी के सकारात्मक संकेत मिले।
मुलाकात में मलेशियाई कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व शामिल थे – पेट्रोनास के अध्यक्ष एवं समूह CEO तेंगकू मुहम्मद तौफिक, बर्जया कॉर्पोरेशन बरहाद के संस्थापक विंसेंट टैन ची यिउन, खजाना नेशनल बरहाद के प्रबंध निदेशक अमीरुल फैसल वान जाहिर और फाइसन इलेक्ट्रॉनिक्स के फाउंडर पुआ खिन सेंग। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत में निवेश के अवसर, लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप और भविष्य की तकनीकों में सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।
ऊर्जा और ग्रीन फ्यूल पर खास फोकस
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी ने पेट्रोनास के साथ ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। खासकर रिन्यूएबल एनर्जी, स्वच्छ ईंधन, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया जैसे उभरते सेक्टरों में निवेश के नए अवसरों पर चर्चा हुई। पेट्रोनास पिछले तीन दशकों से भारत में सक्रिय है और LNG, पेट्रोकेमिकल्स तथा हरित ऊर्जा में मजबूत उपस्थिति रखती है।
भारत में निवेश के लिए अनुकूल माहौल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में आर्थिक सुधारों और ‘Ease of Doing Business’ पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थिर, पारदर्शी और पूर्वानुमानित नीति वातावरण विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक है। उन्होंने मलेशियाई उद्योगपतियों को बुनियादी ढांचा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, AI, स्वास्थ्य और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
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भारतीय ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा
मुलाकात में मलेशियाई उद्योगपतियों ने भारत सरकार द्वारा किए गए सुधारों की सराहना की और भारत की विकास यात्रा पर भरोसा जताया। उन्होंने भारत में अपने कारोबार का विस्तार करने, निवेश पोर्टफोलियो बढ़ाने और भारतीय कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यम करने की इच्छा व्यक्त की।
भारत-मलेशिया आर्थिक संबंधों को नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात भारत-मलेशिया द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूती देने के साथ ही भारत को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने में अहम साबित होगी। आने वाले समय में मलेशिया से भारत में अरबों डॉलर के निवेश की उम्मीद जताई जा रही है, जो दोनों देशों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
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