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पीएम मोदी की ऐतिहासिक स्लोवाकिया यात्रा: रॉबर्ट फिको के साथ उच्चस्तरीय वार्ता, द्विपक्षीय सहयोग पर जोर

पीएम मोदी की स्लोवाकिया यात्रा में रॉबर्ट फिको के साथ उच्चस्तरीय वार्ता, व्यापार, निवेश और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में अपने स्लोवाक समकक्ष रॉबर्ट फिको के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की विस्तृत वार्ता की। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की मध्य यूरोपीय देश की पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसे दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी का ब्रातिस्लावा में औपचारिक स्वागत किया गया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अपने दौरे की शुरुआत में उन्होंने ऐतिहासिक ब्रातिस्लावा किले में स्लोवाक प्रधानमंत्री फिको के साथ मुलाकात की और दोनों नेताओं ने एक कला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत रविवार शाम को स्लोवाक विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने एयरपोर्ट पर पारंपरिक ब्रेड और नमक भेंट कर किया, जिसे मेहमाननवाज़ी और दोस्ती का प्रतीक माना जाता है।

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी ने इस सांस्कृतिक स्वागत की सराहना करते हुए इसे स्लोवाकिया की समृद्ध परंपरा और आपसी मित्रता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में स्थानीय बच्चों के लोकनृत्य समूह ‘कोपानिचियारिक’ ने भी पारंपरिक प्रस्तुति दी, जिसने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को प्रभावित किया।

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प्रधानमंत्री ने स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय समुदाय का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत जन-सम्पर्क संबंध भविष्य में सहयोग को और गहरा करेंगे।

यह यात्रा अप्रैल 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्लोवाकिया यात्रा और फरवरी 2026 में स्लोवाक राष्ट्रपति पतर पेल्लेग्रिनी की भारत यात्रा के बाद हो रही है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिली है।

आगामी वार्ताओं में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति पेल्लेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे। इन चर्चाओं में व्यापार, निवेश, नवाचार, ऑटोमोबाइल निर्माण, रेलवे विकास और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित रहने की उम्मीद है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा भारत और स्लोवाकिया के बीच साझेदारी को और मजबूत करने तथा हालिया उच्चस्तरीय आदान-प्रदान से बने सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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