के. कामराज की 124वीं जयंती पर पीएम मोदी समेत तमिलनाडु के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और विभिन्न दलों के नेताओं ने महान स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज को किया नमन।
के. कामराज की 124वीं जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी, तमिलनाडु के राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि देकर उनके योगदान को याद किया।
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज की 124वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित तमिलनाडु के कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी नेताओं ने देश के विकास, शिक्षा और सामाजिक समानता के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि के. कामराज भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के एक मजबूत स्तंभ और असाधारण जननेता थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा, समावेशी विकास और वंचित वर्गों के कल्याण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता आज भी देश की नई पीढ़ियों को प्रेरित करती है।
तमिलनाडु के राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर ने भी के. कामराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन की नींव रखी। राज्यपाल ने कहा कि कामराज द्वारा शुरू की गई मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना ने लाखों बच्चों को स्कूलों तक पहुंचाया और शिक्षा से दूर रहने वाले समुदायों के लिए नए अवसर खोले। उनके द्वारा स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों ने तमिलनाडु के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा दी।
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मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ चेन्नई स्थित अन्ना सलाई पर के. कामराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कामराज ने तमिलनाडु के लगभग हर गांव तक शिक्षा पहुंचाने का कार्य किया। गरीब बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के लिए उन्होंने मिड-डे मील योजना लागू की, जिससे हजारों परिवारों के बच्चों को शिक्षा का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा के अलावा कामराज ने सिंचाई परियोजनाओं, बांधों और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से कृषि और औद्योगिक विकास को गति मिली और तमिलनाडु के लाखों लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया।
विपक्ष के नेता उधयनिधि स्टालिन ने भी कामराज को याद करते हुए कहा कि उन्होंने राज्यभर में बंद पड़े छह हजार से अधिक स्कूलों को दोबारा शुरू कराया। इसके साथ ही मुफ्त पाठ्यपुस्तक, स्कूल यूनिफॉर्म और मिड-डे मील जैसी योजनाओं के माध्यम से शिक्षा को आम लोगों तक पहुंचाने में ऐतिहासिक योगदान दिया।
के. कामराज की जयंती के अवसर पर तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) ने 13 जुलाई से 19 जुलाई तक सप्ताहभर चलने वाले विशेष कार्यक्रमों की घोषणा की है। इस दौरान कामराज के जीवन और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ‘भ्रष्टाचार छोड़ो, सिर ऊंचा रखो’ (Lanjam Thavir, Nenjam Nimir) विषय पर जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
इस अवसर पर एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी, टीएमसी अध्यक्ष जी. के. वासन और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई सहित कई अन्य नेताओं ने भी के. कामराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
भारत की राजनीति और तमिलनाडु के सामाजिक विकास में के. कामराज का योगदान आज भी एक आदर्श माना जाता है। विशेष रूप से शिक्षा सुधार, सामाजिक समानता और जनकल्याण की उनकी नीतियां आज भी नीति-निर्माताओं और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
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