प्रवीण राम की जेल की सजा के बाद गुजरात किसान आंदोलन को नई ताकत मिली। ‘बदलाव लाओ, किसान बचाओ’ अभियान राजस्थान के वीरनगर में किसानों और स्थानीय लोगों के बीच जारी है।
प्रवीण राम को 108 दिन की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद गुजरात किसान आंदोलन में नया जोश देखने को मिल रहा है। इस घटना के बाद आंदोलन को और मजबूती देने के लिए “बदलाव लाओ, किसान बचाओ” अभियान की शुरुआत की गई। आज यह यात्रा राजस्थान के वीरनगर पहुंची, जहां आम आदमी पार्टी के नेताओं की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित की गई।
वीरनगर में बड़ी बैठक
बैठक में स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या शामिल हुई, जिन्होंने गुजरात किसान आंदोलन के उद्देश्यों और उसके महत्व पर चर्चा की। नेताओं ने किसानों की समस्याओं, उनके आर्थिक और सामाजिक अधिकारों की सुरक्षा, और कृषि सुधारों की जरूरत पर जोर दिया।
आंदोलन का उद्देश्य
“बदलाव लाओ, किसान बचाओ” अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनके हक और सुरक्षा के लिए जागरूक करना और उन्हें संगठित करना है। गुजरात किसान आंदोलन में भाग लेने वाले नेताओं का कहना है कि प्रवीण राम की जेल की सजा ने किसानों के संघर्ष को और मजबूत किया है और इस आंदोलन को पूरे राज्य में फैलाने की आवश्यकता है।
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आम आदमी पार्टी का समर्थन
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने बैठक में कहा कि वे गुजरात किसान आंदोलन के साथ खड़े हैं और किसानों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए हर संभव सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि किसान आंदोलन के माध्यम से स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर किसानों की समस्याओं को उजागर किया जाएगा।
आंदोलन में बढ़ती भागीदारी
राजस्थान के वीरनगर में आयोजित बैठक से यह साफ हुआ कि गुजरात किसान आंदोलन में लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। नेताओं ने किसानों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से अपने हक के लिए संघर्ष करें। इस आंदोलन के जरिए किसानों को उनके आर्थिक और सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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