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खेल पिटारा किट योजना: भगवंत मान सरकार 7.5 लाख बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा में करेगी बड़ा निवेश

खेल पिटारा किट योजना के तहत भगवंत मान सरकार 7.5 लाख बच्चों के लिए 9.3 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। 12,856 सरकारी स्कूलों में खेल-आधारित शिक्षण किट वितरित की जाएंगी।

पंजाब में प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से खेल पिटारा किट योजना के तहत राज्य सरकार सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में खेल-आधारित शिक्षण किट वितरित करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की जा रही यह पहल 3 से 8 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 7.5 लाख बच्चों को लाभ पहुंचाएगी।

सरकार इस महत्वाकांक्षी खेल पिटारा किट योजना पर करीब 9.3 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जिसे पंजाब के भविष्य में दीर्घकालिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है खेल पिटारा किट योजना?

खेल पिटारा किट योजना के तहत नर्सरी से दूसरी कक्षा तक के बच्चों के लिए एक विशेष लर्निंग-टीचिंग मटेरियल किट तैयार की गई है। यह किट रटने की परंपरागत पद्धति से हटकर खेल, गतिविधि और सहभागिता के माध्यम से सीखने को बढ़ावा देगी।

किट में शामिल सामग्री बच्चों की उम्र के अनुसार तैयार की गई है, जिसमें खिलौने, पहेलियाँ, फ्लैश कार्ड, स्टोरी कार्ड, पोस्टर, गतिविधि पुस्तिकाएँ, कठपुतलियाँ और शिक्षक संसाधन सामग्री शामिल हैं। सभी सामग्री पंजाबी भाषा में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बच्चे सहज रूप से सीख सकें।

12,856 स्कूलों में होगा वितरण

राज्य के लगभग 12,856 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में खेल पिटारा किट योजना के तहत ये किटें वितरित की जाएंगी। सरकार ने खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली है और 1 अप्रैल तक सभी स्कूलों में किट पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शिक्षकों को भी गतिविधि-आधारित शिक्षण के लिए विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि कक्षा में इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

बुनियादी शिक्षा में रणनीतिक निवेश

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि 3 से 8 वर्ष की आयु बच्चों के बौद्धिक और भावनात्मक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि खेल पिटारा किट योजना के माध्यम से सरकार प्रारंभिक स्तर पर ही सीखने की मजबूत नींव तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा, “कम उम्र में निवेश करना आने वाले 20 वर्षों के लिए पंजाब के भविष्य में निवेश करने जैसा है। यह पहल बच्चों को स्कूल को बोझ नहीं, बल्कि खोज और रचनात्मकता का केंद्र समझने में मदद करेगी।”

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बच्चों को कैसे होगा लाभ?

खेल पिटारा किट योजना से बच्चों में बुनियादी साक्षरता और गणितीय समझ बेहतर होगी। साथ ही भाषा कौशल, रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता और सामाजिक-भावनात्मक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

यह पहल कक्षा के माहौल को अधिक बाल-अनुकूल और रोचक बनाएगी। कहानी, खेल और समूह गतिविधियों के माध्यम से सीखना बच्चों के लिए स्वाभाविक और आनंददायक अनुभव बनेगा।

शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि खेल पिटारा किट योजना जैसे कदम से प्रारंभिक स्तर पर सीखने की खाई को कम किया जा सकता है। इससे भविष्य में उच्च शिक्षा और करियर के अवसरों के लिए सक्षम और आत्मविश्वासी पीढ़ी तैयार होगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह पहल न केवल पाठ्यक्रम में बदलाव का संकेत है, बल्कि यह दर्शाती है कि पंजाब सरकार अपने सबसे छोटे नागरिकों के समग्र विकास को प्राथमिकता दे रही है।

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