रुड़की में प्रतिभा सम्मान समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत को बताया राज्य की सबसे बड़ी ताकत
विद्या भारती के कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, GI टैग वाले उत्पादों और गुरु रविदास के संदेश का भी किया उल्लेख
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और उत्तराखंड के GI टैग उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों को समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बताया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी है। उन्होंने छात्रों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य के 27 उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त हो चुका है। इससे इन उत्पादों की विशिष्ट पहचान मजबूत हुई है और किसानों, कारीगरों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों तथा स्थानीय उत्पादकों को नए बाजार, बेहतर मूल्य और रोजगार के अधिक अवसर मिल रहे हैं।
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हमारी सरकार ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है।
इसी क्रम में राज्य के 27 उत्पादों को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग प्राप्त हुआ है। इससे इन उत्पादों की विशिष्ट पहचान स्थापित… pic.twitter.com/33lwniruBf
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 27, 2026
उन्होंने कहा कि सरकार स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। GI टैग राज्य के उत्पादों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में देहरादून में आयोजित समरसता संकल्प अभियान के राज्य स्तरीय कार्यशाला का भी उल्लेख किया, जो संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास के विचार आज भी समाज को समानता, सामाजिक न्याय, मानवता और सौहार्द का मार्ग दिखाते हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास का संदेश था कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति नहीं, बल्कि उसके चरित्र, कर्म और संस्कारों से होनी चाहिए। उनका प्रसिद्ध संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा” आज भी लोगों को आंतरिक पवित्रता और सच्ची भक्ति की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गुरु रविदास ने ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां किसी के साथ भेदभाव न हो, प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान मिले और कोई भी भूखा न रहे। उनका ‘बेगमपुरा’ का आदर्श आज भी सामाजिक समरसता और समान अवसर वाले समाज की प्रेरणा बना हुआ है।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अंत्योदय और सामाजिक समरसता की भावना को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के माध्यम से उत्तराखंड विकास और सामाजिक प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा।
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