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भीषण गर्मी का प्रकोप: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘लू से बचाव’ के लिए जारी की विशेष गाइडलाइन, जानें क्या बरतें सावधानी

राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लू से बचाव के लिए जारी की नई गाइडलाइन। दोपहर 12-3 बजे तक बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की अपील।

राजस्थान में सूर्यदेव के कड़े तेवर और बढ़ते तापमान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री के पार पहुँच चुका है। राज्य में गहराते संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से लू से बचाव (Heatwave Protection) के लिए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए सरकारी एडवाइजरी का पालन करना अनिवार्य है।

दोपहर 12 से 3 बजे तक रहें सावधान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस समय लू से बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम यह है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। यह वह समय होता है जब सूर्य की किरणें सबसे तीखी होती हैं और हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक रहता है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को इस दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

भीषण गर्मी में शरीर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को:

  • तेज बुखार और सिरदर्द हो
  • चक्कर आना या उल्टी महसूस होना
  • बेहोशी या अत्यधिक थकान होना

जैसे लक्षण दिखें, तो इसे सामान्य गर्मी न समझें। लू से बचाव के लिए इन लक्षणों के उभरते ही तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। आपातकालीन स्थिति में टोल-फ्री नंबर 108 या 112 पर कॉल कर चिकित्सा सहायता प्राप्त की जा सकती है।

श्रमिकों और किसानों के लिए दिशा-निर्देश

खेतों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले भाइयों के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि खुले में काम करते समय लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और अपने सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढंककर रखें। साथ ही, नियोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे अपने कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर ठंडे पानी और छायादार विश्राम स्थल की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

बेजुबान पशु-पक्षियों का भी रखें ख्याल

मानवता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील की है कि वे अपने घरों की छतों और बाहर पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें। भीषण गर्मी में बेजुबान जीवों को प्यास से बचाना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

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