राज्यसभा चुनाव 2026: NDA की ताकत बढ़ेगी, विपक्ष को पड़ेगा बड़ा झटका
राज्यसभा चुनाव 2026 में NDA की ताकत बढ़ने की संभावना, 37 सीटों पर होंगे चुनाव। जानें किस पार्टी को फायदा, कौन से नेता की वापसी मुश्किल और राज्यसभा में समीकरण कैसे बदलेंगे।
2026 का साल राज्यसभा के लिए महत्वपूर्ण साबित होने वाला है, क्योंकि इस साल 72 से 75 सीटें खाली हो रही हैं। इस चुनाव में सदन में पार्टियों के समीकरण में बड़ा बदलाव आने की संभावना है।
37 सीटों के लिए पहला चरण
16 मार्च 2026 को 37 सीटों पर चुनाव होने हैं, जो 10 राज्यों से संबंधित हैं। इनमें महाराष्ट्र से 7, ओडिशा से 4, तमिलनाडु से 6, पश्चिम बंगाल से 5, असम से 3, बिहार से 5, छत्तीसगढ़ से 2, हरियाणा से 2, हिमाचल प्रदेश से 1 और तेलंगाना से 2 सीटें शामिल हैं। ये सीटें अप्रैल में खाली होंगी।
साल के बाकी चुनावों में 35-38 सीटों पर भी चुनाव होंगे, जो 22 राज्यों से आएंगी, जैसे उत्तर प्रदेश से 10, कर्नाटक से 4, गुजरात से 4 और आंध्र प्रदेश से 4 सीटें।
NDA को मिलेगा फायदा
हाल के विधानसभा चुनावों के परिणाम NDA के लिए अनुकूल रहे हैं। महाराष्ट्र में NDA के पास कुल 228 विधायक हैं, जिसमें बीजेपी 131 और शिवसेना-शिंदे 57 हैं। इससे 7 सीटों में 4-5 सीटें जीतने की संभावना है। बिहार में NDA को एक अतिरिक्त सीट मिल सकती है, जबकि आंध्र प्रदेश में 3, गुजरात में 1 और ओडिशा में 2 सीटें NDA के खाते में जा सकती हैं।
वहीं, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में NDA को 1-1 सीट का नुकसान हो सकता है। कुल मिलाकर, एनडीए की संख्या 145 तक बढ़ सकती है, जबकि INDIA ब्लॉक की संख्या घटकर लगभग 75 रह सकती है।
राज्यसभा में विधानसभा गणित का महत्व
राज्यसभा के सदस्य राज्य की विधानसभा के चुने हुए विधायकों द्वारा चुने जाते हैं। हर सीट के लिए एक निश्चित वोट की आवश्यकता होती है, जिसे ‘क्वोटा’ कहते हैं। उदाहरण के लिए, बिहार में 243 विधायकों और 5 सीटों के लिए क्वोटा 42 वोट्स तय हुआ। NDA के पास 202 विधायक होने के कारण उन्हें लगभग 4 सीटें मिल सकती हैं, और क्रॉस वोटिंग या इंडिपेंडेंट समर्थन मिलने पर पांचवीं सीट भी मिल सकती है।
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किन पार्टियों को नुकसान होगा
विपक्षी दलों को बड़ा झटका लग सकता है। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक को 5-6 सीटों का नुकसान हो सकता है। उदाहरण के लिए, गुजरात में कांग्रेस की 1 सीट खत्म हो सकती है, पश्चिम बंगाल में तृणमूल को नुकसान, और कर्नाटक में कांग्रेस की 1 सीट कम हो सकती है।
बड़े नेताओं की राज्यसभा में वापसी मुश्किल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, दिग्विजय सिंह, एचडी देवगौड़ा, शरद पवार और अन्य वरिष्ठ नेता इस चुनाव में वापसी की संभावना कम है। पार्टी की विधानसभा ताकत और रिटायरमेंट के कारण इन नेताओं के लिए सीट पाना चुनौतीपूर्ण होगा।
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