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सोमवती अमावस्या 2026: इस साल दो बार पड़ेगी सोमवती अमावस्या, जानें दूसरी तारीख और शुभ मुहूर्त

सोमवती अमावस्या 2026 इस साल दो बार पड़ेगी। जानें दूसरी तिथि, 9 नवंबर 2026 का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व।

हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या 2026 का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। वर्ष 2026 में यह पावन तिथि दो बार पड़ रही है, जिसमें पहली सोमवती अमावस्या 2026 15 जून को मनाई जा चुकी है, जबकि दूसरी अब नवंबर में आने वाली है।

दूसरी सोमवती अमावस्या 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार, दूसरी सोमवती अमावस्या 2026 9 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन भक्तजन विशेष रूप से व्रत रखते हैं और पीपल के पेड़ की पूजा करते हैं।

इस सोमवती अमावस्या पर कई शुभ मुहूर्त भी बन रहे हैं, जिनका धार्मिक महत्व काफी अधिक माना गया है।

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सोमवती अमावस्या 2026 के शुभ मुहूर्त

दूसरी सोमवती अमावस्या 2026 के दिन प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार रहेंगे:

ब्रह्म मुहूर्त: 04:54 AM से 05:46 AM
प्रातः संध्या: 05:20 AM से 06:39 AM
अभिजित मुहूर्त: 11:43 AM से 12:26 PM
विजय मुहूर्त: 01:53 PM से 02:37 PM
गोधूलि मुहूर्त: 05:31 PM से 05:57 PM
सायाह्न संध्या: 05:31 PM से 06:50 PM
अमृत काल: 11:49 PM से 01:32 AM (10 नवंबर)
निशिता मुहूर्त: 11:39 PM से 12:31 AM (10 नवंबर)

इन शुभ समयों में की गई पूजा को सोमवती अमावस्या पर अत्यंत फलदायी माना जाता है।

सोमवती अमावस्या पूजा विधि

सोमवती अमावस्या के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके बाद पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है।

भक्तजन इस सोमवती अमावस्या पर पीपल के पेड़ में जल चढ़ाते हैं, कलावा बांधते हैं और 108 परिक्रमा करते हैं। ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति और सुख-शांति प्राप्त होती है।

सोमवती अमावस्या पर दान और नियम

इस पावन सोमवती अमावस्या के दिन कच्चा दूध, रोली, अक्षत और काले तिल का दान करना शुभ माना जाता है। साथ ही शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और भांग अर्पित करना भी लाभकारी होता है।

इस दिन पितरों के लिए तर्पण और जरूरतमंदों को दान देना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। सोमवती अमावस्या पर विवाहित महिलाएं माता पार्वती को सुहाग सामग्री अर्पित करती हैं।

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