Sawan Masik Durgashtami 2026: 20 अगस्त को होगी दुर्गाष्टमी, जानें पूजा सामग्री और आसान विधि
Sawan Masik Durgashtami 2026 20 अगस्त को मनाई जाएगी। जानें मां दुर्गा की पूजा सामग्री, आसान विधि, भोग और सावन दुर्गाष्टमी का महत्व।
Sawan Masik Durgashtami 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के साथ मां शक्ति की उपासना के लिए भी विशेष माना जाता है। सावन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भक्त मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करते हैं और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की आराधना करने से भक्तों को साहस और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। Sawan Masik Durgashtami 2026 के मौके पर अगर आप भी माता की पूजा करने जा रहे हैं तो तिथि, पूजा सामग्री और आसान पूजा विधि पहले से जान लें।
सावन मासिक दुर्गाष्टमी 2026 कब है?
पंचांग के अनुसार श्रावण शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 19 अगस्त 2026 को शाम 7:19 बजे शुरू होगी और 20 अगस्त 2026 को रात 9:18 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर सावन मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत 20 अगस्त 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।
इस दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनने के बाद मां दुर्गा की पूजा और व्रत का संकल्प लिया जा सकता है। पूजा के दौरान अपने इष्टदेव का ध्यान करके माता से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
दुर्गाष्टमी पूजा के लिए कौन-कौन सी सामग्री चाहिए?
Sawan Masik Durgashtami 2026 पर मां दुर्गा की पूजा के लिए बहुत अधिक सामग्री की आवश्यकता नहीं होती। घर में उपलब्ध सामान्य पूजा सामग्री से भी माता की आराधना की जा सकती है।
पूजा के लिए आप ये सामग्री तैयार रख सकते हैं:
- मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा
- लाल या पीले रंग का कपड़ा
- रोली और कुमकुम
- अक्षत यानी साबुत चावल
- लाल फूल और फूलों की माला
- सिंदूर
- धूप और दीपक
- घी या तेल
- कपूर
- कलावा
- नारियल
- मौसमी फल
- मिठाई
- पंचामृत
अगर आप कलश स्थापित करना चाहते हैं तो इसके लिए कलश, जल, आम या अशोक के पत्ते और नारियल भी रखें।
सावन दुर्गाष्टमी की आसान पूजा विधि
Sawan Masik Durgashtami 2026 के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। इसके बाद पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के ध्यान से करें। इसके बाद कलश स्थापित करके मां दुर्गा का ध्यान करें। माता को जल अर्पित करें और फिर रोली, कुमकुम, अक्षत, सिंदूर और लाल फूल चढ़ाएं।
इसके बाद धूप और दीप जलाकर मां दुर्गा की आराधना करें। अपनी श्रद्धा के अनुसार दुर्गा चालीसा, दुर्गा मंत्र या माता की स्तुति का पाठ कर सकते हैं। अंत में मां दुर्गा की आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
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मां दुर्गा को क्या भोग लगाएं?
दुर्गाष्टमी पर माता को सात्विक भोजन का भोग लगाया जाता है। आप मां दुर्गा को खीर, हलवा, मिठाई, फल या घर में बना कोई सात्विक पकवान अर्पित कर सकते हैं।
लाल रंग के फल या मिठाई भी श्रद्धा के साथ चढ़ाई जा सकती है। भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में परिवार के सदस्यों में बांटें। जरूरतमंदों को भोजन कराना या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है।
सावन में दुर्गाष्टमी का क्या महत्व है?
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है, लेकिन इस दौरान शक्ति की आराधना का भी विशेष महत्व बताया गया है। दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा करके भक्त शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और उन्हें जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने का साहस देती हैं। यही कारण है कि Sawan Masik Durgashtami 2026 पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखकर माता की पूजा-अर्चना करेंगे।
पूजा में रखें इन बातों का ध्यान
दुर्गाष्टमी की पूजा करते समय पूजा स्थल को साफ रखना चाहिए और श्रद्धा के साथ माता का स्मरण करना चाहिए। भोग में सात्विक सामग्री का इस्तेमाल करें और पूजा के बाद प्रसाद सभी में बांटें। पूजा की विधि और व्रत से जुड़े नियम परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
Sawan Masik Durgashtami 2026 के दिन मां दुर्गा की पूजा के साथ जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना और अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी इस पर्व की भावना के अनुरूप माना जाता है।
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