शनि अमावस्या 2026: 15 या 16 मई? जानें साल की पहली शनि अमावस्या की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और अचूक उपाय
शनि अमावस्या 2026 की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि यहाँ जानें। 16 मई को है साल की पहली शनि अमावस्या, जानें साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति के अचूक उपाय।
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, जब भी अमावस्या शनिवार के दिन पड़ती है, तो उसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। साल 2026 में न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित शनि अमावस्या 2026 का विशेष संयोग बन रहा है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली इस तिथि को लेकर श्रद्धालुओं के बीच तारीखों का भ्रम है। आइए जानते हैं कि आखिर साल की पहली शनि अमावस्या 2026 कब मनाई जाएगी।
15 या 16 मई? जानें सही तारीख
पंचांग की गणना के अनुसार, इस साल अमावस्या तिथि को लेकर संशय बना हुआ है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार उदयातिथि का विशेष महत्व होता है। ज्येष्ठ अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 मई 2026 को तड़के सुबह 05:11 बजे से हो रही है, जो अगले दिन 17 मई को मध्यरात्रि 01:30 बजे समाप्त होगी। ऐसे में उदयातिथि और शनिवार के संयोग के कारण शनि अमावस्या 2026 का पर्व 16 मई को मनाया जाएगा।
शनि अमावस्या 2026: शुभ मुहूर्त और समय
धार्मिक दृष्टि से शनि अमावस्या 2026 पर पूजा के लिए निम्नलिखित समय सबसे श्रेष्ठ है:
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 16 मई 2026, सुबह 05:11 बजे।
अमावस्या तिथि समापन: 17 मई 2026, रात 01:30 बजे।
अमृत काल: सुबह की पूजा के लिए सूर्योदय के बाद का समय।
पूजा की सरल विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
शनि अमावस्या 2026 के दिन शनिदेव की कृपा पाने के लिए इस विधि से पूजा करें:
स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और काले या नीले वस्त्र पहनें।
पीपल पूजन: पीपल के वृक्ष को जल दें और सात बार परिक्रमा करें, क्योंकि इसमें शनिदेव का वास माना जाता है।
तेल का अर्पण: शनि मंदिर जाकर शनि शिला पर सरसों का तेल चढ़ाएं। (ध्यान दें: शनि प्रतिमा की आंखों में न देखें)।
मंत्र जप: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।
दीपदान: शाम के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं और उसमें काले तिल डालें।
इस दिन का विशेष महत्व
ज्योतिषियों के अनुसार, शनि अमावस्या 2026 उन जातकों के लिए अत्यंत फलदायी है जो शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से पीड़ित हैं। इस दिन किए गए दान-पुण्य से कर्मफल दाता शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर करते हैं। इस दिन काली उड़द, काले कपड़े, जूते और छाते का दान करना दरिद्रता को दूर करता है।
शनि दोष से मुक्ति के उपाय
यदि आप शनि दोष से परेशान हैं, तो शनि अमावस्या 2026 पर हनुमान चालीसा का पाठ भी जरूर करें। मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा करने वाले भक्तों को शनिदेव कभी परेशान नहीं करते। इसके अलावा, इस दिन निर्धनों को भोजन कराना आपको मानसिक शांति और समृद्धि प्रदान करेगा।
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