मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल: राजस्थान में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए नियमों और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाने की नई योजना।
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने व्यवसायियों और आम नागरिकों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई और महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत गैर जरूरी अनुपालन और जटिल नियमों को सरल बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे राज्य में निवेश और जीवन स्तर दोनों में सुधार हो सके।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के निर्देशन में तैयार की गई कार्ययोजना में भूमि उपयोग, भवन और निर्माण, श्रम, व्यवसाय लाइसेंस प्रक्रिया और जन उपयोगिता जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रक्रियाओं को सरलीकृत करने का प्रावधान है। इस योजना के तहत आंध्र प्रदेश में लागू प्रणाली का अध्ययन कर भूमि उपयोग और भू-रूपांतरण की आवश्यकताओं को समाप्त करने पर ध्यान दिया जाएगा। बिल्डिंग बायलॉज और मास्टर प्लान में संशोधन कर मिश्रित भूमि-उपयोग को स्वतः अनुमति देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
औद्योगिक निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
कार्ययोजना के अनुसार औद्योगिक क्लस्टर्स में खाली पड़ी भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक भूमि आवंटन नीति को उदार बनाया जाएगा। इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए सस्ते आवास उपलब्ध कराए जाएंगे और अपशिष्ट प्रबंधन, फायर सेफ्टी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को प्रोत्साहित किया जाएगा। ऊंचाई और सेटबैक नियमों में बदलाव कर फायर सेफ्टी के ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाया जाएगा।
व्यवसायों के लिए आसान लाइसेंसिंग और अनुमोदन प्रक्रिया
भजनलाल शर्मा सरकार ने निवेशकों को भवन और निर्माण से जुड़ी सभी अनापत्तियां, औद्योगिक क्लस्टर्स से जुड़े अप्रूवल और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लाइसेंस के लिए सिंगल प्वाइंट कॉन्टैक्ट नोडल एजेंसी के रूप में नियुक्त करने पर विचार किया है। इसके लिए विभिन्न राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर कार्ययोजना बनाई गई है। व्यवसायों के लिए आवश्यक लाइसेंस का सूचीकरण कर दोहरी लाइसेंसिंग की बाधा को समाप्त किया जाएगा। दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए डीम्ड लाइसेंसिंग के जरिए आजीवन पंजीकरण और 24×7 संचालन की अनुमति देने पर भी विचार चल रहा है।
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कम जोखिम वाले व्यवसायों के लिए फील्ड निरीक्षण को हटाकर स्वघोषणा के आधार पर बिजली कनेक्शन और अन्य अनुमोदन जारी करने का प्रावधान भी शामिल है। MSME सेक्टर के लिए राज्य स्तर पर सभी टेस्टिंग सुविधाओं की एकीकृत डायरेक्टरी बनाई जाएगी।
डिजिटल और केंद्रीकृत कानून रिपॉजिटरी
विधि विभाग के स्तर पर राज्य के सभी कानूनों, नियमों और सरकारी आदेशों की सेक्टरवार डिजिटल रिपॉजिटरी बनाई जाएगी। इन सुधारों के कार्यान्वयन के लिए भारत सरकार से प्राप्त ड्राफ्ट के आधार पर विधेयक तैयार कर अनुमोदन के लिए रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस पहल को राजस्थान में सुशासन, निवेश आकर्षण और जनभागीदारी को बढ़ाने के लिए निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि यह कदम राज्य के व्यवसायिक और नागरिक वातावरण को और अधिक पारदर्शी, सरल और प्रगतिशील बनाएगा।
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