धर्म

हरियाली तीज पर कौन से रंग की साड़ी और चूड़ियां पहनें? जानें शुभ रंग और किन रंगों से करें परहेज

हरियाली तीज पर हरे, लाल और पीले रंग की साड़ी व चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है। जानें इस पर्व पर कौन से रंग चुनें और किनसे बचें।

सावन के महीने में मनाया जाने वाला हरियाली तीज सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पर्व पर पूजा के साथ-साथ पहनावे के रंग का भी खास महत्व होता है।

इस साल हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026, शनिवार को रखा जाएगा। इस खास अवसर पर महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर सजती-संवरती हैं और हाथों में चूड़ियां पहनती हैं। मान्यता है कि शुभ रंगों के कपड़े और चूड़ियां पहनकर पूजा करने से सकारात्मकता का भाव बढ़ता है।

हरे रंग की साड़ी और चूड़ियां मानी जाती हैं शुभ

हरियाली तीज पर हरे रंग को सबसे खास माना जाता है। सावन में प्रकृति चारों ओर हरियाली से भर जाती है, इसलिए यह रंग समृद्धि, नई ऊर्जा और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। सुहागिन महिलाएं इस दिन हरे रंग की साड़ी, लहंगा या सूट पहन सकती हैं।

हरे रंग की कांच की चूड़ियां भी इस पर्व के लिए बेहद लोकप्रिय मानी जाती हैं। महिलाएं अपनी पसंद के अनुसार गहरे या हल्के हरे रंग की चूड़ियां पहनकर पारंपरिक लुक पूरा कर सकती हैं। हरे रंग को माता पार्वती से भी जोड़ा जाता है, इसलिए इस रंग के परिधान को पर्व के लिए शुभ मानने की धार्मिक परंपरा है।

लाल रंग भी माना जाता है शुभ

हरे रंग के अलावा लाल रंग को भी सुहाग से जुड़ा शुभ रंग माना जाता है। लाल रंग प्रेम, सौभाग्य और वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में महिलाएं पूजा के दौरान लाल साड़ी या लाल रंग की चुनरी पहन सकती हैं।

लाल रंग की चूड़ियां भी पारंपरिक सुहाग के श्रृंगार का अहम हिस्सा मानी जाती हैं। हरे रंग का परिधान उपलब्ध न होने पर लाल रंग एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

पीले रंग के कपड़े भी पहन सकती हैं महिलाएं

पीला रंग भी भारतीय परंपरा में शुभ और सकारात्मक माना जाता है। पूजा-पाठ के अवसरों पर पीले रंग के वस्त्र पहनने की परंपरा कई जगह देखने को मिलती है। ऐसे में महिलाएं हरियाली तीज पर पीली साड़ी, सूट या अन्य पारंपरिक परिधान पहन सकती हैं।

पीले रंग की चूड़ियां या हरे-पीले रंग की चूड़ियों का कॉम्बिनेशन भी त्योहार के लुक को आकर्षक बना सकता है। हालांकि, रंगों का चयन व्यक्तिगत पसंद और स्थानीय परंपराओं के अनुसार किया जा सकता है।

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किन रंगों के कपड़े और चूड़ियां पहनने से बचें?

पर्व की तैयारियों के दौरान कई महिलाएं शुभ-अशुभ रंगों को लेकर भी सावधानी बरतती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ के अवसर पर काले रंग से परहेज करने की सलाह दी जाती है। इसलिए इस दिन काले रंग की साड़ी, कपड़े या चूड़ियां न पहनना बेहतर माना जाता है।

इसी तरह कुछ परंपराओं में सफेद रंग को भी सुहाग से जुड़े त्योहारों के लिए प्राथमिकता नहीं दी जाती। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में मान्यताएं अलग हो सकती हैं। इसलिए अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय रीति-रिवाजों को ध्यान में रखकर कपड़ों का चुनाव करना उचित है।

पूजा के साथ भाव और श्रद्धा भी जरूरी

हरियाली तीज पर महिलाएं अपनी पसंद के अनुसार हरे, लाल या पीले रंग के परिधान चुन सकती हैं। रंगों को लेकर मान्यताएं धार्मिक परंपराओं पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें आस्था और संस्कृति के संदर्भ में ही देखना चाहिए। पूजा में श्रद्धा, नियमों का पालन और भगवान शिव-माता पार्वती का स्मरण सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

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