यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए। 23 जिलों में 37 तटबंध संवेदनशील, ड्रोन मैपिंग और वाटर लेवल सेंसर से निगरानी सुनिश्चित।
आगामी मानसून में संभावित बाढ़ और अतिवृष्टि को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की और बाढ़ सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए। सीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही हुई, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
बाढ़ प्रबंधन और तटबंध सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील तटबंधों और ड्रेनों की मरम्मत का कार्य तय समय में पूरा किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को सतर्कता, समन्वय और समयबद्धता के साथ बाढ़ प्रबंधन की समीक्षा करने को कहा।
संवेदनशील जिले और तटबंध
प्रदेश में गंगा, सरयू (घाघरा), राप्ती, रामगंगा, गंडक, यमुना, गोमती और सोन नदी बेसिन के आसपास 23 जिले बाढ़ प्रभावित हैं। इनमें से 11 जिलों में 19 तटबंध अति संवेदनशील और 12 जिलों में 18 तटबंध संवेदनशील के रूप में चिन्हित किए गए हैं। सभी तटबंधों की कुल लंबाई 706.5 किमी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन तटबंधों की सुरक्षा और प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
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तकनीकी और निगरानी उपाय
सीएम योगी ने अधिकारियों को रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए कहा। इसके अलावा, ड्रोन मैपिंग, वाटर लेवल सेंसर और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नदियों के मुख्य प्रवाह में आवश्यकतानुसार ड्रेजिंग कराकर सिल्ट निकालने का भी आदेश दिया।
सतर्कता और तैयारी जरूरी
मुख्यमंत्री योगी ने जोर देकर कहा कि आने वाले मानसून में बाढ़ और अतिवृष्टि से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रबंधन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस बैठक के बाद राज्य में बाढ़ सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर सरकारी तैयारियों को और मजबूत किया जाएगा।
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