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योगी सरकार का बड़ा तोहफा: यूपी में 12 लाख शिक्षकों और रसोइयों को मिला कैशलेस इलाज

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के 12 लाख शिक्षकों और रसोइयों को सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल के तहत राज्य के बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े शिक्षकों और रसोइयों को सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना की कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। करीब 11.95 लाख कर्मचारी और उनके आश्रित इस योजना का लाभ उठाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सुविधा की घोषणा शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर की थी। इसके बाद 28 जनवरी को कैबिनेट ने इसे स्वीकृति प्रदान की और गुरुवार को अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग के पार्थ सारथी सेन शर्मा ने आदेश जारी कर दिए।

योजना के प्रमुख लाभ और विवरण

लाभार्थी: बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डेन, पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षक और प्रधानमंत्री पोषण योजना की रसोइया तथा उनके आश्रित परिवार।

कैशलेस सुविधा: राज्य के सरकारी अस्पतालों और SACHEEJ (स्टेट एजेंसी फॉर कंप्रीहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज) से जुड़े निजी अस्पतालों में।

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वार्षिक प्रीमियम: लगभग 3,000 रुपये प्रति कर्मचारी, जिसका पूरा खर्च बेसिक शिक्षा विभाग वहन करेगा।

दरें: आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा तय दरों के अनुसार इलाज की सुविधा।

अवधि और पात्रता: योजना केवल पात्र और कार्यरत कर्मचारियों के लिए; जो पहले से आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना से कवर हैं, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा।

योगी सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि हर वर्ष 30 जून तक पात्र लाभार्थियों का विवरण SACHEEJ को भेजा जाएगा, जिससे नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।

इस योजना से शिक्षकों और रसोइयों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा और उन्हें वित्तीय बोझ के बिना गुणवत्ता युक्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। यह कदम प्रदेश सरकार की जनकल्याण और स्वास्थ्य सुधार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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