राज्यउत्तराखण्ड

उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: तीन साल तक भूमि का उपयोग नहीं किया तो आवंटन होगा निरस्त

उत्तराखंड कैबिनेट ने प्राग फॉर्म औद्योगिक क्षेत्र में भूमि आवंटन संशोधन को मंजूरी दी। तीन साल तक भूमि का उपयोग न होने पर आवंटन रद्द होगा, और पट्टेदार को उप-पट्टा देने का अधिकार मिलेगा।

उत्तराखंड सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में भूमि आवंटन के संबंध में एक महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी है। उत्तराखंड कैबिनेट ने प्राग फॉर्म औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित भूमि पर तीन साल तक उपयोग न होने पर आवंटन रद्द करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय औद्योगिक विकास और भूमि के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।

भूमि आवंटन और उप पट्टे का नियम

औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवंटित भूमि का उपयोग तीन वर्षों के भीतर करना अनिवार्य होगा। यदि इस अवधि के दौरान भूमि का उपयोग नहीं किया गया, तो आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, अब औद्योगिक विकास विभाग की मंजूरी और राजस्व विभाग की सहमति से पट्टेदार को समान प्रयोजन के लिए उप-पट्टा देने की अनुमति भी दी गई है। इससे पट्टेदार औद्योगिक भूमि का अधिक प्रभावी और लचीला उपयोग कर सकेंगे।

also read:- उत्तराखंड: धामी कैबिनेट ने ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को…

प्राग फॉर्म औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति

ऊधमसिंह नगर जिले में स्थित प्राग फॉर्म औद्योगिक क्षेत्र की कुल 1354.14 एकड़ भूमि सिडकुल को हस्तांतरित की गई थी। पहले जारी आदेशों के अनुसार, पट्टेदार को आवंटित भूमि को बेचने, पट्टे पर देने या किसी अन्य तरीके से हस्तांतरित करने का अधिकार नहीं था। अब किए गए संशोधन के तहत पट्टेदार को औद्योगिक विकास विभाग की अनुमति से उप-पट्टा देने की सुविधा मिली है।

उत्तराखंड सरकार की मंशा

इस फैसले का उद्देश्य है कि औद्योगिक भूमि का सही और उत्पादक उपयोग सुनिश्चित किया जाए और लंबी अवधि तक खाली पड़ी भूमि से होने वाले नुकसान को रोका जा सके। यह नीति निवेशकों को भी स्पष्ट दिशा देती है कि आवंटित भूमि का उपयोग समयबद्ध तरीके से करना अनिवार्य होगा।

उत्तराखंड सरकार का यह कदम राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेशकों के लिए अधिक पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

For English News: http://newz24india.in

Related Articles

Back to top button