कोरोना वायरस और उसके नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) ने पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा रखी है. वैज्ञानिकों ने इसको कोरोना की तीसरी लहर करार दिया है. भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इसके साथ ही ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले में भी तेजी से बढ़े हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि ओमिक्रॉन कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से कम संक्रामक है. लेकिन बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) ने राहत भरी खबर सुनाई है. WHO ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में कोरोना की चौथी लहर धीरे-धीरे शांत पड़ती जा रही है.

ओमिक्रॉन वेरिएंट की चौथी लहर करीब 6 हफ्तों तक बनी रही

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वेरिएंट की चौथी लहर करीब 6 हफ्तों तक बनी रही. लेकिन अब यहां कोरोना के नए केसों में कमी देखने को मिली है. एक रिपोर्ट के अनुसार अफ्रीका में 11 जनवरी तक कोरोना के 10.2 मिलियन केस दर्ज किए गए हैं. अफ्रीका में जहां कोरोना मामलों में भारी उछाल देखने को मिल रहा था, वहीं अब एक सप्ताह में संक्रमितों की संख्या में 14 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई है.

कई राज्यों में लॉकडाउन जैसे हालात

आपको बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में ही कोरोना वैरिएंट (Omicron Variant) का सबसे पहला केस दर्ज किया गया था. जिसके बाद भारत समेत अन्य देशों में ओमिक्रॉन के केस देखे गए. डॉक्टरों के अनुसार ओमिक्रॉन कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से ज्यादा संक्रामक है, लेकिन उतना खतरनाक नहीं है. भारत में भी कोरोना के केस तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं, जिसको लेकर कई राज्यों में लॉकडाउन जैसे हालात पैदा हो गए हैं.