धर्म

World Hypnotism Day 2024: कृष्ण में भी सम्मोहन विद्या थी? ये क्या है और इसका इतिहास जानें

World Hypnotism Day 2024

सम्मोहन विद्या बहुत प्राचीन है। हालाँकि वैज्ञानिकों का मानना है कि यह १८वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह भी कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण को सम्मोहन का ज्ञान था।

4 जनवरी को World Hypnotism Day है। सभी ने सम्मोहन, यानी “हिप्नोटिज्म” के बारे में सुना है। सम्मोहन एक प्रक्रिया है जिसमें एक व्यक्ति अपने मन और शरीर पर से नियंत्रण खो देता है और सम्मोहित करने वाले व्यक्ति का नियंत्रण लेता है। इस दौरान व्यक्ति अर्धचेतनावस्था में होता है, जो समाधि या स्वप्नावस्था की तरह है।

World Hypnotism Day 2024: लेकिन सम्मोहन विद्या या क्रिया इतनी आसान नहीं है। इस क्रिया के लिए अत्यंत कठोर तप किया गया था। विशेष रूप से साधु-संत इस विद्या को वर्षों तक तपस्या करके सीखते थे। आइए जानते हैं सम्मोहन क्या है और इसका इतिहास।

क्या है सम्मोहन (What is Hypnotism)

World Hypnotism Day 2024: सम्मोहन को आम तौर पर वशीकरण की तरह देखा जाता है। वशीकरण का अर्थ है किसी को नियंत्रित करना। लेकिन बिल्कुल नहीं। सम्मोहन विद्या को वशीकरण से तुलना करना सम्मोहन की प्रतिष्ठा को कम करना जैसा है। सम्मोहन में व्यक्ति की कुछ इंद्रिया सम्मोहक के वश में होती है। हम अपने मन को कभी-कभी नियंत्रित कर सकते हैं। क्योंकि हम सभी में एक सम्मोहन है, जो समझना मुश्किल है लेकिन वास्तव में, सम्मोहन क्रिया के दौरान केवल वही व्यक्ति सम्मोहित हो सकता है जो होना चाहता है।

World Hypnotism Day 2024: हर व्यक्ति के अवचेतन मन सम्मोहक है। आपने कभी अपने अंतर्मन की आवाज सुनकर सही निर्णय लिया होगा। हम सभी अपने जीवन में ऐसा करते हैं, खासकर जब हम निर्णय लेने के लिए अपने अन्तर्मन से ही प्रश्न और उत्तर पूछते हैं। इसे अवचेतन और चेतन मनों का संधिकाल कहते हैं। सम्मोहन कला या विद्या सिर्फ संधि काल, यानी जब आप अपने अवचेतन मन की आवाज सुनते हैं।

यह वह स्थिति है जब आपका मन आप पर नियंत्रण नहीं करता, बल्कि अपने मन पर नियंत्रण करता है। जब आप गुस्सा हो जाते हैं और फिर आपको पछतावा या गलती का अहसास होता है, तो यह उसी तरह है। यह भी होता है क्योंकि उस समय आपका पूरा ध्यान क्रोध पर है। यानी आप अपने गुस्से के सम्मोहन में होते हैं, और जब आप इस सम्मोहन से बाहर निकल जाते हैं, तो आपको अपनी गलती का अहसास होता है। हम जीवन में इस सिद्धांत को बार-बार देखते हैं।

कितना पुराना है सम्मोहन का इतिहास (Hypnotism History)

World Hypnotism Day 2024: भारत में सम्मोहन एक बहुत पुरानी विद्या है। पुराने समय से ही, साधु-संत ने इस क्रिया का उपयोग किसी को नियंत्रित करने और मोक्ष या सिद्धियां प्राप्त करने के लिए किया है। यह भी कहा जाता है कि भगवान कृष्ण को सम्मोहन का ज्ञान था। लेकिन सम्मोहन १८वीं सदी से प्रचलित है। वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि स्कॉटिश सर्जन जेम्स ब्रैड ने 19 वीं सदी में सम्मोहन या हिप्नोटिज्म का आविष्कार किया था। आज यह बहुत प्रसिद्ध और लोकप्रिय हो गया है।

क्यों मनाया जाता है सम्मोहन दिवस (Hypnotism Significance)

सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि सम्मोहन दिवस आखिर क्यों मनाया जाता है और इसे मनाने की जरूरत क्यों पड़ी। सम्मोहन को बहुत लोग जानते हैं। लेकिन फिर भी बहुत से लोग इसके बारे में नहीं जानते। यही कारण है कि 4 जनवरी को सम्मोहन दिवस हर साल मनाया जाता है। क्योंकि अधिक से अधिक लोग सम्मोहन के सही अर्थ और लाभों को जानते हैं और इसका उपयोग करके अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

सम्मोहन एक जीवन बदलने का अवसर है, प्रोफेसर निखिल कुमार कहते हैं। 2004 में, बोर्ड प्रमाणित हिप्नोटिस्ट टॉम निकोली और हिप्नोटिज्म दिवस समिति ने सम्मोहन के वास्तविक फायदों को बढ़ावा देने, लोगों को इसके सच्चे फायदों के बारे में बताने और इसे जादुई चाल या मिथक से अलग करने के लिए मनाने की शुरुआत की।

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श्रीकृष्ण भी जानते थे सम्मोहन 

World Hypnotism Day: सम्मोहन विद्या का इतिहास बहुत पुराना है। जैसा कि प्रोफेसर रुचि शर्मा ने बताया, श्रीकृष्ण जन्म से ही सम्मोहन का ज्ञान था। श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी कई घटनाएं उनकी सम्मोहन विद्या को दिखाती हैं। श्रीकृष्ण का एक और नाम मोहन है, जिसका अर्थ है मोहने वाला। श्रीकृष्ण का रूप ऐसा था कि कोई भी उनकी माया से मोहित हो जाता था। श्रीकृष्ण ने अपने पूरे जीवन में सम्मोहन की बहुत सी लीलाएं कीं।

World Hypnotism Day 2024: गोकुल की गोपियां श्रीकृष्ण की सुंदर मुस्कान और रूप को देखकर मोहित हो गईं और उनका साथ पाने के लिए उत्सुक थीं। जब श्रीकृष्ण ने माता यशोदा को बचपन में पूरे ब्रह्मांड का दर्शन कराया, तो माता यशोदा ने सब कुछ भूला दिया। World Hypnotism Day 2024: वहीं श्रीकृष्ण की 16 कलाओं में से एक वाणी सम्मोहन है। श्रीकृष्ण अपने सम्मोहन से जो कुछ दिखाना, सुनाना या समझाना चाहते हैं, उसे करता है। यह सब श्रीकृष्ण की सम्मोहन विद्या है कि क्या?

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