हमारी फ़िल्म इंडस्ट्री ने यूँ तो काफ़ी सूपरस्टार देश को दिए है मगर दिलीप कुमार और मधुबाला का नाम सुनते ही बाक़ी स्टारों का नाम फीका सा पड़ जाता है ।फ़िल्म इंडस्ट्री के के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार और लेजेंडरी अभिनेत्री मधुबाला की वर्ष 1960 में आयी फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी मेगा ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक मानी जाती है। फिल्म में उनकी लव स्टोरी जितनी दुखद है उतनी ही असल जिंदगी में भी रही थी । दोनों एक दूसरे के प्रति प्यार परवान तो चढ़ा लेकिन अपनी मंजिल तक कभी नही पहुंच सका।

उनके प्यार की कुछ नाकामियों के बीच के कारणॊ का खुलासा मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने अपने एक इंटरव्यू में किया है ।मधुर भूषण ने दिलीप कुमार के लिए मधुबाला के प्यार पर बात करते हुए हाल ही में मीडिया को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा, “मधुबाला उन्हें (दिलीप)कभी नहीं भूलीं। जब मधुबाला बीमार थी तब दिलीप कुमार ब्रीच कैंडी अस्पताल भी आए थे और उन्होंने मधुबाला से कहा कि वे फिर से उनके साथ में काम करेंगे। तब दिलीप कुमार की शादी नही हुईं थी । अपनी शादी होने के बाद, दिलीप उनसे कभी भी नहीं मिले। वह कब्रिस्तान में भी आए लेकिन तब तक मधुबाला की अंतिम क्रिया हो चुकी थीं। वह उनका परिवार भी आया था। उन्होंने हमें अगले तीन दिनों तक लगातार खाना भेजा। यह उनका सम्मान था और कोई दुश्मनी नहीं।”

मधुर भूषण ने अपने पिता और दिलीप कुमार के रिश्ते को लेकर भी बात की। मधुर ने बताया क़ि “दिलीप साहब एक बार घर आए थे, क्यूँकि मधुबाला ने उनसे हमारे पिता को ‘सॉरी’ बोलने के लिए कहा था। मगर दिलीप साहब ने मेरे पिता को ‘तानाशाह ‘ बर दिया। मधुबाला ने दिलीप साहब को फिर याद दिलाया कि उन्होंने कभी भी उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया था। मेरे पिता हमेशा से दिलीप कुमार को पसंद करते थे। अगर वह दिलीप कुमार को ज़रा सा भी नापसंद करते, तो क्या वह अपनी बेटी की प्रेम कहानी के लिए अपनी सहमति नहीं  देते?”।