8th Pay Commission की चंडीगढ़ बैठक में 3.25 फिटमेंट फैक्टर की मांग उठी। जानें बेंगलुरु बैठक की तारीख और वेतन-पेंशन से जुड़े प्रस्ताव।
8th Pay Commission का चंडीगढ़ में तीन दिवसीय स्टेकहोल्डर संवाद पूरा हो चुका है। 16 से 18 सितंबर 2026 तक हुई इन बैठकों में केंद्रीय कर्मचारियों, संगठनों, यूनियनों और विभिन्न संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों ने वेतन, भत्ते, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दे आयोग के सामने रखे। अब आयोग का अगला निर्धारित दौरा 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में होगा।
चंडीगढ़ की बैठक में नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की ओर से कई मांगें रखी गईं। इनमें PGIMER से जुड़े नर्सिंग प्रतिनिधियों की ओर से 3.25 फिटमेंट फैक्टर की मांग भी शामिल रही। गौर करने वाली बात यह है कि 3.25 अभी कोई स्वीकृत फिटमेंट फैक्टर नहीं है, बल्कि आयोग के सामने रखी गई मांग है।
3.25 फिटमेंट फैक्टर की क्यों उठी मांग?
7वें केंद्रीय वेतन आयोग में 2.57 के फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल किया गया था। अब PGIMER से जुड़े नर्सिंग प्रतिनिधियों ने 3.25 के फैक्टर की मांग रखी है। उनका तर्क है कि पिछले वर्षों में आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े खर्च बढ़े हैं। इसके अलावा नर्सिंग स्टाफ की चौबीसों घंटे की ड्यूटी और जिम्मेदारियों को देखते हुए वेतन संरचना में बदलाव की जरूरत बताई गई है।
नर्सिंग संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर के अलावा एंट्री-लेवल पे, भत्तों, इंश्योरेंस और पेंशन से जुड़े अन्य प्रस्ताव भी रखे गए हैं। NWA ने नर्सिंग अधिकारियों के लिए Pay Level 10 पर एंट्री पे की मांग भी उठाई है।
3.25 फैक्टर लागू हुआ तो कितना बदल सकता है बेसिक पे?
अगर केवल गणितीय उदाहरण के तौर पर मौजूदा बेसिक पे को 3.25 से गुणा किया जाए, तो अलग-अलग पे लेवल पर नई राशि इस तरह दिखाई देती है। हालांकि, ये केवल illustrative calculations हैं। इन्हें 8th Pay Commission की अंतिम वेतन सिफारिश या सरकार द्वारा स्वीकृत वेतन नहीं माना जाना चाहिए।
उदाहरण के लिए, Level 1 का मौजूदा बेसिक पे ₹18,000 है। इसे 3.25 से गुणा करने पर ₹58,500 आता है, यानी गणितीय अंतर ₹40,500 बनता है। इसी तरह Level 10 के ₹56,100 बेसिक पे पर यह गणना ₹1,82,325 होती है।
लेकिन वास्तविक वेतन में बदलाव केवल फिटमेंट फैक्टर के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। अंतिम पे फिक्सेशन में सरकार द्वारा स्वीकार की जाने वाली वेतन संरचना, पे मैट्रिक्स, DA और अन्य भत्तों से जुड़े नियम महत्वपूर्ण होंगे। इसलिए मौजूदा समय में इन आंकड़ों को संभावित या उदाहरणात्मक गणना के तौर पर ही देखना चाहिए।
नर्सिंग अधिकारियों के लिए Level 10 की मांग
चंडीगढ़ में हुई चर्चा के दौरान नर्सिंग संगठनों ने एंट्री-लेवल पे को Pay Level 10 तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा। NWA ने इस मांग को नर्सिंग अधिकारियों की योग्यता और जिम्मेदारियों में हुए बदलाव से जोड़ते हुए अपनी बात आयोग के सामने रखी है।
इसके अलावा नर्सिंग प्रतिनिधियों ने वार्षिक इंक्रीमेंट को मौजूदा 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने सहित अन्य वित्तीय लाभों की मांग भी रखी है। कुछ संगठनों ने इंश्योरेंस और पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं।
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अब 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु पहुंचेगा 8th Pay Commission
चंडीगढ़ के बाद 8th Pay Commission का अगला निर्धारित स्टेकहोल्डर संवाद बेंगलुरु में 7 और 8 अक्टूबर 2026 को होगा। आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारी संगठनों, पेंशनर संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है।
बेंगलुरु बैठक में भी वेतन, पेंशन, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों पर प्रतिनिधियों के विचार सुने जाएंगे। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर बेंगलुरु दौरे की तारीखें 7-8 अक्टूबर के रूप में दर्ज हैं।
अंतिम फिटमेंट फैक्टर पर अभी फैसला नहीं
8th Pay Commission की मौजूदा प्रक्रिया को देखते हुए 3.25 फिटमेंट फैक्टर को अंतिम मानना सही नहीं होगा। यह आंकड़ा फिलहाल PGIMER से जुड़े नर्सिंग प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई मांग है। आयोग को अभी विभिन्न हितधारकों से सुझाव लेने हैं और इसके बाद उसकी सिफारिशें तथा सरकार का अंतिम निर्णय सामने आएगा।
इसलिए कर्मचारियों और पेंशनरों को सोशल मीडिया या अनौपचारिक स्रोतों पर चल रहे संभावित वेतन आंकड़ों के बजाय आयोग और सरकार की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना चाहिए। 8th Pay Commission की अंतिम सिफारिश आने के बाद ही फिटमेंट फैक्टर और वास्तविक वेतन संशोधन की तस्वीर स्पष्ट होगी।
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