राष्ट्रपती द्रौपदी मुर्मु ने शेगांव में राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026 का किया उद्घाटन, आयुष चिकित्सा प्रणालियों को दिया महत्व
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शेगांव में राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026 का उद्घाटन किया, आयुष चिकित्सा प्रणालियों को योगदान और सम्मान दिया।
शेगांव, महाराष्ट्र: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में शेगांव में आयोजित राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026 का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने आयुष स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले छह वरिष्ठ वैद्यों को सम्मानित भी किया।
स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन: राष्ट्रपति
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी संस्कृति में आरोग्य यानि समग्र स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा सुख है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देश को सशक्त बनाने में स्वस्थ नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि आयुष चिकित्सा प्रणालियों — योग, आयुर्वेद, और सिद्ध — ने सदियों से नागरिकों के स्वास्थ्य में अमूल्य योगदान दिया है, विशेषकर उस समय जब आधुनिक चिकित्सा पद्धति का प्रचलन नहीं था।
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औषधीय पौधों और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हमारे खेत, जंगल और रसोई घर औषधीय पौधों और स्वास्थ्यवर्धक जड़ी-बूटियों का खजाना हैं। इस प्राकृतिक संपदा का संरक्षण औषधियों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि औषधीय पौधों की खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य और संरक्षण में भी योगदान देती है।
आयुष पद्धतियों का महत्व और वैश्विक मान्यता
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आगे कहा कि आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष प्रणालियां स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का मार्ग दिखाती हैं। आज पूरी दुनिया तनावमुक्त जीवन शैली अपनाने और रोगों की रोकथाम में इन प्रणालियों के महत्व को समझ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, औषधियों का मानकीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण आयुष प्रणालियों की स्वीकार्यता और प्रभाव को बढ़ा रहे हैं।
भविष्य की दिशा: आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा का संगम
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष मंत्रालय अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक सहयोग के माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों का विश्वसनीय और वैज्ञानिक समाधान बनाने में प्रयासरत है। उनका विश्वास है कि इन प्रयासों से आयुष पद्धतियों को अधिक सुलभ, लोकप्रिय और समग्र स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाया जा सकेगा।
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