पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से सवाल उठाए, रूस-ईरान से सस्ता तेल खरीदने की मांग को लेकर सियासत तेज।
देश में लगातार बढ़ रही पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की ईंधन आयात नीति पर सवाल उठाते हुए रूस और ईरान से सस्ता कच्चा तेल खरीदने की मांग की है।
बीते कुछ दिनों में ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
“सस्ता तेल क्यों नहीं खरीदा जा रहा?” – केजरीवाल का सवाल
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पूछा कि जब रूस और ईरान सस्ते दामों पर तेल उपलब्ध करा रहे हैं, तो भारत उनसे आयात क्यों नहीं कर रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीति के कारण आम जनता महंगाई का अतिरिक्त बोझ झेल रही है।
एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि पिछले 10 से 15 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.5 से 8 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ा है।
जनता पर महंगाई का बढ़ता दबाव
केजरीवाल ने दावा किया कि हाल ही में हुए एक सर्वे में अधिकांश लोगों ने रूस और ईरान से सस्ता तेल खरीदने का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों का सबसे अधिक असर:
- आम उपभोक्ताओं पर
- परिवहन व्यवसायों पर
- दैनिक यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
तेल के दाम फिर बढ़ गए। हम फिर भी रूस और ईरान से सस्ता तेल नहीं ले रहे। मोदी जी की ऐसी क्या मजबूरी है? pic.twitter.com/kmwMWd5Dqy
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 25, 2026
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प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें बढ़ीं
लगातार बढ़ोतरी के बाद देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें नए स्तर पर पहुंच गई हैं।
- दिल्ली में पेट्रोल 102 रुपये प्रति लीटर से ऊपर
- डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी
- मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी दरें बढ़ीं
इसके साथ ही दिल्ली में सीएनजी की कीमतें भी 81 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन और कमर्शियल वाहनों की लागत बढ़ गई है।
वैश्विक कारणों का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव भी कीमतों में वृद्धि का बड़ा कारण है।
वैश्विक अस्थिरता के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों में लगातार बदलाव देखा जा रहा है।
सरकार और विपक्ष में बहस तेज
ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद सरकार की आयात नीति पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सस्ता तेल उपलब्ध होने के बावजूद उसका लाभ जनता तक नहीं पहुंच रहा।
वहीं सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और बाजार की अस्थिरता के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
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