राज्यहरियाणा

हरियाणा प्राकृतिक खेती योजना: किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

हरियाणा प्राकृतिक खेती योजना से किसानों को प्रशिक्षण, पंजीकरण और खेती विस्तार का लाभ मिल रहा है, जिससे कृषि में बड़ा बदलाव आ रहा है।

हरियाणा सरकार राज्य के किसानों को सशक्त, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में “हरियाणा प्राकृतिक खेती योजना” को बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कृषि को रसायन-मुक्त बनाकर टिकाऊ और लाभकारी खेती को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के अनुसार यह योजना किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने और कृषि लागत को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

2022 में शुरू हुई हरियाणा प्राकृतिक खेती योजना को मिला व्यापक विस्तार

वर्ष 2022 में शुरू की गई हरियाणा प्राकृतिक खेती योजना के तहत राज्य सरकार ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की, जिससे किसानों को सीधे इस कार्यक्रम से जोड़ा जा सके। इस पोर्टल पर अब तक लगभग 2 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है, जिन्होंने करीब 3 लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के लिए दर्ज किया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इनमें से 23,930 किसानों के लगभग 44 हजार एकड़ क्षेत्र का सत्यापन भी पूरा किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि हरियाणा प्राकृतिक खेती योजना जमीनी स्तर पर तेजी से प्रभावी हो रही है और किसानों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

2025-26 में बढ़ा प्राकृतिक खेती का दायरा

राज्य सरकार के अनुसार वर्ष 2025-26 में हरियाणा प्राकृतिक खेती योजना के अंतर्गत 20,727 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की गई है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि किसान पारंपरिक खेती से हटकर प्राकृतिक और जैविक तरीकों को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह योजना केवल खेती का तरीका बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्रशिक्षण केंद्रों से किसानों को मिल रहा लाभ

हरियाणा प्राकृतिक खेती योजना को सफल बनाने के लिए राज्य के कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल जिलों में विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, जैविक खाद निर्माण, और मृदा संरक्षण के तरीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अब तक इन प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से 12 हजार से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे किसानों में हरियाणा प्राकृतिक खेती योजना के प्रति जागरूकता और विश्वास बढ़ा है।

also read:- नायब सिंह सैनी संत कबीर कुटीर पहुंचे, भाजपा पंजाब सदस्यता अभियान को लेकर दिया बड़ा बयान

किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने पर जोर

सरकार का मानना है कि हरियाणा प्राकृतिक खेती योजना किसानों की उत्पादन लागत को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता घटने से खेती अधिक लाभकारी बन रही है।

इसके साथ ही, प्राकृतिक खेती से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ रही है।

पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान

हरियाणा प्राकृतिक खेती योजना केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण के लिए भी एक बड़ा कदम है। रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों को कम करके मिट्टी की उर्वरता और जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक किसान इस योजना से जुड़ें और हरियाणा को प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाए।

For English News: http://newz24india.in

Related Articles

Back to top button