NEET पेपर लीक विवाद पर CJP ने केंद्र सरकार से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, ₹1 करोड़ मुआवजे और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग दोहराई।
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के साथ हुई अहम बैठक में अपनी मांगों को दोहराया। संगठन ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी सबसे प्रमुख और “गैर-समझौतायोग्य” मांग है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच शनिवार को एक और बैठक प्रस्तावित है।
दो घंटे चली केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक
शुक्रवार को CJP के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित विठ्ठलभाई पटेल हाउस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से करीब दो घंटे तक चर्चा की। बैठक का उद्देश्य NEET परीक्षा से जुड़े विवाद, छात्रों की चिंताओं और संगठन की मांगों पर संवाद स्थापित करना था।
बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन ने सरकार के सामने साफ कर दिया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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पीड़ित परिवारों के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग
CJP ने बैठक में यह भी मांग रखी कि NEET परीक्षा रद्द होने के बाद जिन छात्रों ने कथित रूप से आत्महत्या की, उनके परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए। संगठन का कहना है कि परीक्षा विवाद से प्रभावित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सहायता मिलनी चाहिए।
इसके अलावा आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की भी मांग की गई।
सरकार ने मांगा समय, शनिवार को फिर होगी बैठक
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने संगठन की सभी मांगों को गंभीरता से सुना है। उन्होंने बताया कि सरकार इन मुद्दों पर विचार करेगी और दोनों पक्ष शनिवार को दोबारा बैठक करेंगे।
सरकार और आंदोलनकारी संगठन के बीच यह बातचीत परीक्षा प्रणाली से जुड़े विवादों का समाधान निकालने और संवाद के जरिए आगे का रास्ता तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
NEET विवाद पर जारी है राष्ट्रीय बहस
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसी क्रम में CJP भी लगातार सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, दोषियों पर कार्रवाई और छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।
शनिवार को प्रस्तावित अगली बैठक पर अब सभी की नजरें टिकी हैं, जहां इन मांगों पर आगे की चर्चा होने की संभावना है।
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