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पेपर लीक विवाद पर कांग्रेस का पीएम मोदी पर हमला, बोली- संसद में दें जवाब, ‘एकतरफा मन की बात’ नहीं

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने, छात्रों पर कार्रवाई की जांच और माफी की मांग दोहराई

कांग्रेस ने पेपर लीक मुद्दे पर पीएम मोदी के वीडियो संदेश की आलोचना की। राहुल गांधी और खरगे ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जवाबदेही की मांग उठाई।

NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि जब संसद का सत्र चल रहा है, तब प्रधानमंत्री को सदन के भीतर इस मुद्दे पर विस्तृत बयान देना चाहिए, न कि संसद से बाहर एकतरफा संदेश जारी करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में वीडियो संदेश के जरिए पेपर लीक मामलों में सख्त कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट लाने की घोषणा की थी। इसके बाद कांग्रेस ने सरकार की मंशा और जवाबदेही पर सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने उठाई तीन प्रमुख मांगें

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि देश के छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से तीन प्रमुख कदम उठाने की मांग की-

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।
छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।

राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की भावनाओं को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

खरगे बोले- संसद में जवाब दें प्रधानमंत्री

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में आकर पेपर लीक मामले पर बयान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद का सत्र चलने के बावजूद बाहर से वीडियो संदेश जारी करना उचित नहीं है।

खरगे ने यह भी कहा कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षा व्यवस्था में सुधार चाहती है, तो पहले शिक्षा मंत्री को हटाए, छात्रों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराए और उसके बाद संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराए।

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जयराम रमेश ने सरकार की नीयत पर उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार लंबे समय तक परीक्षा में अनियमितताओं से इनकार करती रही और अब सार्वजनिक दबाव के बाद नए कानून की बात कर रही है। उनके अनुसार, केवल नया कानून लाने की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई भी जरूरी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उनके साथ हुई कथित सख्ती का प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कोई उल्लेख नहीं किया।

पेपर लीक पर जारी है राजनीतिक घमासान

NEET पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं का मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।

वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लाए जाएंगे और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में संसद में इस विषय पर होने वाली चर्चा और प्रस्तावित विधेयक पर सभी की नजरें रहेंगी।

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