पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को सोमवार तक स्थगित हुआ। स्कूल फीस नियामक विधेयक पेश हुआ, जबकि कनाडा में छात्रों की समस्या भी उठी।
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने सदन को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। शुक्रवार की कार्यवाही में सरकार की ओर से पंजाब स्कूल फीस नियमन विधेयक पेश किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक पर विस्तार से चर्चा सोमवार को होगी।
स्कूल फीस नियमन विधेयक पर सोमवार को चर्चा
पंजाब विधानसभा मानसून सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्कूल फीस से जुड़े नियमन विधेयक को सदन में पेश किया। सरकार की ओर से लाए गए इस प्रस्ताव पर अब सोमवार को विस्तृत बहस होने की उम्मीद है।
विधेयक की चर्चा को लेकर सदन में सोमवार का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार जहां स्कूल फीस व्यवस्था को लेकर अपना पक्ष रखेगी, वहीं विपक्ष की ओर से भी कई सवाल उठाए जाने की संभावना है।
कनाडा में फंसे पंजाबी छात्रों का मुद्दा उठा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने सदन में कनाडा में परेशानियों का सामना कर रहे पंजाबी छात्रों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि करीब 1,500 अंतरराष्ट्रीय छात्र वहां विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
मंत्री के अनुसार, इन छात्रों ने वर्ष 2024 में इस उम्मीद के साथ दाखिला लिया था कि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें काम करने की अनुमति मिल सकेगी। हालांकि, बाद में वर्क परमिट के लिए आवेदन करने पर कई छात्रों को मंजूरी नहीं मिली।
डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि एक ही कॉलेज के कुछ छात्रों को वर्क परमिट मिलने और अन्य छात्रों के मामलों पर सुनवाई तक नहीं होने की जानकारी सामने आई है। इससे प्रक्रिया में किसी स्तर पर गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
केंद्र से संपर्क, कानूनी मदद का भरोसा
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है और इस मुद्दे पर बातचीत के लिए समय मांगा है। उन्होंने प्रभावित छात्रों के आवेदनों की दोबारा समीक्षा किए जाने की मांग की।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार छात्रों को हर संभव सहायता देगी। जरूरत पड़ने पर कनाडा की अदालतों में अपने मामलों की लड़ाई लड़ रहे छात्रों को कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराने की बात कही गई।
डॉ. रवजोत सिंह ने पंजाबी मूल के सांसदों से भी छात्रों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
सदन में अनुशासन को लेकर अध्यक्ष की सख्ती
पंजाब विधानसभा मानसून सत्र के पांचवें दिन की शुरुआत में ही विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने सदन की मर्यादा बनाए रखने को लेकर विधायकों को चेतावनी दी।
कुछ सदस्यों को सदन के भीतर आपस में बातचीत करते देख अध्यक्ष ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी सदस्य को बातचीत करनी है तो वह सदन के पीछे बने कमरे में जाकर ऐसा कर सकता है। उन्होंने सभी विधायकों से विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
काले स्कार्फ पहनकर कांग्रेस विधायकों का प्रदर्शन
विपक्ष ने भी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी के साथ सदन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। कांग्रेस विधायक लगातार तीसरे दिन काले स्कार्फ पहनकर विधानसभा पहुंचे और सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
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2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ पंजाब की राजनीति में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऐसे में मौजूदा पंजाब विधानसभा मानसून सत्र को सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
कई रिपोर्ट और विधेयक सदन में पेश
शुक्रवार को विधानसभा में पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के वर्ष 2020-21 और 2021-22 के वार्षिक लेखा-जोखा संबंधी रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गईं।
इसके अलावा पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 को तत्काल विचार और पारित करने से जुड़ा प्रस्ताव भी सदन में आगे बढ़ाया गया।
परगट सिंह ने उठाया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के सोशल मीडिया अकाउंट पर कथित प्रतिबंधों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
परगट सिंह ने यह भी कहा कि विपक्षी नेताओं को अरविंद केजरीवाल से मिलने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के नेता उनसे मिलकर पंजाब सरकार पर भी लोगों की आवाज दबाने के आरोपों से अवगत कराना चाहते हैं।
सोमवार को फिर शुरू होगी विधानसभा की कार्यवाही
पंजाब विधानसभा मानसून सत्र की कार्यवाही अब सोमवार को दोबारा शुरू होगी। स्कूल फीस नियमन विधेयक उस दिन सदन की कार्यवाही का प्रमुख केंद्र रहने की संभावना है।
सोमवार की चर्चा के दौरान विधेयक के प्रावधानों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस देखने को मिल सकती है। वहीं, कनाडा में छात्रों की समस्या, लोकतांत्रिक अधिकारों और पंजाब से जुड़े अन्य मुद्दे भी सदन में उठ सकते हैं।
फिलहाल शुक्रवार की कार्यवाही के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया है। पंजाब विधानसभा मानसून सत्र के अगले चरण में स्कूल फीस नियमन विधेयक पर होने वाली बहस पर सभी की नजरें रहेंगी।
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