बरिंदर गोयल ने कहा कि मान सरकार ने पंजाब के पानी के बकाये को लेकर राजस्थान और हरियाणा को पत्र भेजे हैं। जानें पूरा मामला।
पंजाब के पानी से जुड़े बकाया भुगतान को लेकर भगवंत मान सरकार ने राजस्थान और हरियाणा सरकार के समक्ष मामला उठाया है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने इस संबंध में सरकार की ओर से भेजे गए पत्रों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी पर दूसरे राज्यों के अधिकार की बात तो की जाती है, लेकिन इसके बदले होने वाले भुगतान को लेकर लंबे समय से गंभीरता नहीं दिखाई गई।
मंत्री के अनुसार, पंजाब सरकार अब पानी से जुड़े बकाया मामलों को लेकर स्पष्ट रुख अपना रही है और संबंधित राज्यों से भुगतान की मांग की गई है।
राजस्थान सरकार पर 1.83 लाख करोड़ रुपये के बकाये का दावा
बरिंदर गोयल ने दावा किया कि 1961 के बाद पारंपरिक सरकारों की कथित लापरवाही या मिलीभगत के कारण राजस्थान सरकार ने पंजाब के पानी का भुगतान रोक दिया। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से राजस्थान सरकार को करीब 1 लाख 83 हजार करोड़ रुपये के बकाये को लेकर नोटिस भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के संसाधनों का इस्तेमाल करने के बावजूद राज्य को उसका उचित भुगतान नहीं मिलना चिंता का विषय है। मान सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रही है और बकाया राशि की मांग की जा रही है।
हरियाणा से भी बकाया भुगतान की मांग
कैबिनेट मंत्री ने हरियाणा से जुड़े बकाये का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 2015-16 के बाद हरियाणा सरकार ने भी अपने बकाये का भुगतान रोक दिया। इस संबंध में हरियाणा सरकार को भी पंजाब की ओर से पत्र भेजा गया है।
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਾਣੀਆਂ ਦੇ ਬਣਦੇ ਪੈਸਿਆਂ ਦੀ ਅਦਾਇਗੀ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਭੇਜੀਆਂ ਚਿੱਠੀਆਂ!
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @barinder_goyal ਨੇ ਦਿੱਤੀ ਇਹਨਾਂ ਚਿੱਠੀਆਂ ਨਾਲ਼ ਸੰਬੰਧਿਤ ਜਾਣਕਾਰੀ
🔸 1961 ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਰਿਵਾਇਤੀ ਸਰਕਾਰਾਂ ਦੀ ਨਲਾਇਕੀ ਜਾਂ ਮਿਲੀਭੁਗਤ ਨਾਲ਼ ਰਾਜਸਥਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਬੰਦ ਕੀਤੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪਾਣੀਆਂ ਦੇ ਪੈਸੇ ਦੀ ਅਦਾਇਗੀ
🔸 ਮਾਨ… pic.twitter.com/X0MUuyucZw— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 13, 2026
बरिंदर गोयल के मुताबिक, पंजाब सरकार चाहती है कि पानी के इस्तेमाल से जुड़े वित्तीय मामलों में राज्यों के बीच पारदर्शिता और उचित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
‘बाढ़ का नुकसान पंजाब झेलता है, पानी पर अधिकार सब जताते हैं’
मंत्री बरिंदर गोयल ने पड़ोसी राज्यों को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब पंजाब में बाढ़ आती है तो उसका नुकसान पंजाब को खुद उठाना पड़ता है, लेकिन जब पानी की बात आती है तो आसपास के राज्य अपने अधिकार का दावा करते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पानी और उससे जुड़े संसाधनों को लेकर पंजाब के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
पानी के मुद्दे पर मान सरकार का स्पष्ट रुख
बरिंदर गोयल द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, पंजाब सरकार अब पानी से जुड़े पुराने बकाये और दूसरे राज्यों के साथ वित्तीय मामलों को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ा रही है। राजस्थान और हरियाणा को भेजे गए पत्र इसी दिशा में उठाया गया कदम बताए जा रहे हैं।
मान सरकार का कहना है कि पंजाब के पानी और राज्य के हितों से जुड़े मामलों पर सरकार मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। वहीं, बकाया राशि को लेकर लगाए गए दावों और संबंधित राज्यों के जवाब से इस मामले की आगे की तस्वीर साफ होगी।
नोट: इस खबर में बकाया राशि और पूर्व सरकारों से जुड़े आरोप मंत्री बरिंदर गोयल द्वारा साझा किए गए दावों के आधार पर हैं। संबंधित राज्यों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।
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