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लुधियाना के हैबोवाल में 65 करोड़ रुपये के CBG प्लांट का नींव पत्थर, बूढ़े दरिया की सफाई में मिलेगी मदद

लुधियाना के हैबोवाल में 65 करोड़ रुपये के CBG प्लांट का नींव पत्थर रखा गया। प्लांट रोज 300 टन गोबर का निपटारा और 5 टन बायोगैस उत्पादन करेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना के हैबोवाल में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट का नींव पत्थर रखा। करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह प्रोजेक्ट पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ डेयरी मालिकों की समस्याओं के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने क्षेत्रवासियों को इस बहुपक्षीय परियोजना के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्लांट के शुरू होने से इलाके में लंबे समय से चली आ रही गोबर के निपटारे से जुड़ी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल करने में मदद मिलेगी।

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रोजाना 300 टन गोबर का होगा निपटारा

प्रस्तावित CBG प्लांट की खासियत यह है कि इसमें प्रतिदिन करीब 300 टन गोबर का निपटारा किया जाएगा। इससे डेयरी क्षेत्रों में गोबर के उचित प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा और खुले में कचरा जमा होने की समस्या को कम करने में सहायता मिलेगी।

प्लांट में गोबर से प्रतिदिन करीब 5 टन बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा। इससे जैविक कचरे को उपयोगी ऊर्जा में बदलने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।

बूढ़े दरिया की सफाई में मिलेगी मदद

लुधियाना के बूढ़े दरिया की सफाई लंबे समय से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। CBG प्लांट के जरिए डेयरी से निकलने वाले गोबर के बेहतर प्रबंधन से दरिया और आसपास के पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और ऊर्जा उत्पादन को एक साथ जोड़ती है। गोबर का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा होने से डेयरी मालिकों को भी राहत मिलेगी और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

स्वच्छ ऊर्जा और रोजगार को बढ़ावा

CBG प्लांट में जैविक अपशिष्ट से ऊर्जा तैयार की जाएगी, जिससे स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा मिलेगा। इस तरह का प्रोजेक्ट कचरा प्रबंधन को आर्थिक गतिविधि से जोड़ने में भी मददगार साबित हो सकता है।

मान सरकार का फोकस पंजाब में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने पर है। हैबोवाल में स्थापित होने वाला यह प्लांट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

अमन अरोड़ा ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास परियोजनाओं के माध्यम से लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का स्थायी समाधान करना है। 65 करोड़ रुपये की यह परियोजना डेयरी मालिकों की परेशानी कम करने, गोबर के वैज्ञानिक निपटारे और बूढ़े दरिया की सफाई में सहयोग देने की दिशा में अहम कदम है।

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