21 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान किया गया है। कौमी इंसाफ मोर्चा की मांगों को SGPC, शिक्षक, किसान और कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला है।
पंजाब में 21 अगस्त को प्रस्तावित बंद को लेकर सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कौमी इंसाफ मोर्चा ने सिख बंदियों की रिहाई समेत कई मांगों को लेकर 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया है। इस बंद को किसान संगठनों, कर्मचारी संगठनों, शिक्षक जत्थेबंदियों और अन्य संगठनों का समर्थन मिलने की बात सामने आई है।
सिख बंदियों की रिहाई मुख्य मांग
कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से 21 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर किया गया है। मोर्चा नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग भी उठाई है।
मोर्चा का कहना है कि लंबे समय से जेल में बंद सिख कैदियों की रिहाई को लेकर सरकार से मांग की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब बंद का आह्वान किया गया है।
शिक्षक संगठनों ने भी किया समर्थन
21 अगस्त को पंजाब बंद को लेकर संयुक्त शिक्षक जत्थेबंदियों ने भी समर्थन जताया है। जानकारी के अनुसार, शिक्षक संगठनों ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर बंद के समर्थन में अपने रुख से अवगत कराया है।
इसके अलावा किसान और कर्मचारी संगठनों सहित विभिन्न संगठनों की ओर से भी बंद को समर्थन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे 21 अगस्त को राज्य में व्यापक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
SGPC ने बदली आंतरिक कमेटी की बैठक की तारीख
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कौमी इंसाफ मोर्चा के 21 अगस्त को पंजाब बंद के आह्वान का समर्थन किया है। SGPC ने अपनी आंतरिक कमेटी की पहले से निर्धारित बैठक को एक दिन आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
अब यह बैठक 22 अगस्त को सुबह 11 बजे SGPC मुख्यालय में होगी। एडवोकेट धामी ने कहा कि SGPC सिख बंदियों की रिहाई के लिए किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करती रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि 21 अगस्त को पंजाब बंद के समर्थन में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यालय और उसके सभी संस्थान 21 अगस्त को बंद रहेंगे।
शिरोमणि अकाली दल ने भी दिया समर्थन
शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भी 21 अगस्त को पंजाब बंद को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि कौमी इंसाफ मोर्चा लंबे समय से कैद सिखों की रिहाई की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह के मुताबिक, 15 अगस्त को निकाले गए शांतिपूर्ण मार्च के दौरान नेताओं के साथ कथित तौर पर किए गए व्यवहार और दर्ज किए गए मामलों के विरोध में भी बंद का आह्वान किया गया है।
21 अगस्त को बंद रहने की अपील
मोर्चा और उसके समर्थक संगठनों ने पंजाब के लोगों से 21 अगस्त को पंजाब बंद को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है। संगठनों का कहना है कि बंद का मुख्य उद्देश्य सिख बंदियों की रिहाई और उनसे जुड़े मामलों को लेकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है।
अब देखना होगा कि 21 अगस्त को पंजाब बंद का राज्य के बाजारों, संस्थानों और जनजीवन पर कितना असर पड़ता है।
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