दिल्ली SIR में 47 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हो सकते हैं। 24 अगस्त को सूची जारी होगी, 23 सितंबर तक दावे-आपत्तियां होंगी।
Delhi SIR Updates: दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में बड़े स्तर पर बदलाव सामने आया है। 24 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में 47 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल नहीं होंगे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से करीब 47 सीटों पर 30 से 40 प्रतिशत तक मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर रहने की स्थिति बन रही है।
47 लाख से ज्यादा मतदाताओं पर पड़ेगा असर| Delhi SIR Updates
Delhi SIR के तहत 30 जून से 17 अगस्त तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया। इस दौरान करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख से अधिक लोगों के सत्यापन फॉर्म जमा नहीं हो सके। इनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक और डुप्लीकेट मतदाताओं के मामले भी शामिल हैं।
इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी लोगों के नाम स्थायी रूप से मतदाता सूची से हट जाएंगे। ड्राफ्ट सूची प्रकाशित होने के बाद प्रभावित मतदाताओं को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा।
पॉश इलाकों में भी बड़ी संख्या में नाम बाहर
Delhi SIR का असर राजधानी के पॉश इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। ग्रेटर कैलाश, मालवीय नगर, नई दिल्ली और आरके पुरम जैसे क्षेत्रों में 35 से 45 प्रतिशत तक फॉर्म जमा नहीं होने की जानकारी सामने आई है।
आंकड़ों के अनुसार:
ग्रेटर कैलाश में 35 प्रतिशत फॉर्म जमा नहीं हुए।
मालवीय नगर में यह आंकड़ा 38.64 प्रतिशत रहा।
नई दिल्ली में 41.76 प्रतिशत फॉर्म जमा नहीं हुए।
आरके पुरम में 44.46 प्रतिशत फॉर्म जमा नहीं हुए।
दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कुछ इलाकों में स्थिति और अधिक गंभीर है। तुगलकाबाद में करीब 48 प्रतिशत मतदाताओं के ड्राफ्ट सूची से बाहर रहने की स्थिति बताई जा रही है।
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अनधिकृत कॉलोनियों में डिजिटल फॉर्म की स्थिति बेहतर
दिल्ली के अनधिकृत कॉलोनियों, झुग्गी-बस्तियों और पुनर्वास क्षेत्रों में डिजिटल फॉर्म जमा करने की दर कई जगह अपेक्षाकृत बेहतर रही। किराड़ी, सुल्तानपुर माजरा, करावल नगर, मंगोलपुरी और सीलमपुर जैसे इलाकों में ड्राफ्ट सूची से बाहर होने वाले मतदाताओं का अनुपात कुछ अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम बताया गया है।
अल्पसंख्यक बहुल विधानसभा क्षेत्रों में भी स्थिति एक जैसी नहीं है। ओखला में करीब 45 प्रतिशत फॉर्म जमा नहीं होने की जानकारी है। वहीं सीलमपुर, मटिया महल, बाबरपुर और मुस्तफाबाद में यह अनुपात करीब 23 से 28 प्रतिशत के बीच रहा।
रोहिणी और शकूरबस्ती में सबसे बेहतर डिजिटल सत्यापन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार रोहिणी और शकूरबस्ती दिल्ली की उन विधानसभा सीटों में शामिल हैं जहां डिजिटल फॉर्म जमा करने की दर 80 प्रतिशत से अधिक रही।
रोहिणी में 83.43 प्रतिशत फॉर्म जमा हुए।
शकूरबस्ती में 81.26 प्रतिशत फॉर्म जमा हुए।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सत्यापन की स्थिति में काफी अंतर है।
24 अगस्त से शुरू होगा दावा और आपत्ति का दौर
Delhi SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची 24 अगस्त को जारी की जाएगी। इसके बाद जिन मतदाताओं को लगता है कि उनका नाम गलत तरीके से सूची से बाहर हुआ है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
दावे और आपत्तियां 24 अगस्त से 23 सितंबर तक दाखिल की जा सकेंगी। चुनाव अधिकारी 24 अगस्त से 22 अक्टूबर के बीच इन आवेदनों का निपटारा करेंगे। पूरी प्रक्रिया के बाद 27 अक्टूबर को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मतदाताओं के लिए क्या जरूरी है?
Delhi SIR के तहत जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं मिलता, उन्हें अंतिम सूची जारी होने से पहले दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इसलिए प्रभावित मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे 24 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांचें और जरूरत पड़ने पर निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें।
फिलहाल सामने आए आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली की बड़ी संख्या में विधानसभा सीटों पर ड्राफ्ट मतदाता सूची में उल्लेखनीय बदलाव हो सकता है। हालांकि, अंतिम तस्वीर दावा-आपत्ति प्रक्रिया पूरी होने और 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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