यूपी में चीनी संकट की चर्चाओं पर सीएम योगी का बड़ा बयान, बोले- 28 लाख टन का स्टॉक मौजूद
यूपी में चीनी संकट की चर्चाओं पर सीएम योगी ने कहा कि 28 लाख टन चीनी का स्टॉक मौजूद है, जो करीब 7 महीने की खपत के लिए पर्याप्त है।
यूपी में चीनी संकट: उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति स्पष्ट की है। नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रदेश में फिलहाल करीब 28 लाख टन चीनी का स्टॉक उपलब्ध है, जो मौजूदा खपत के हिसाब से लगभग सात महीने के लिए पर्याप्त है। सीएम के मुताबिक, राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है।
सात महीने के लिए पर्याप्त है चीनी का भंडार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में एक महीने में करीब चार लाख टन चीनी की खपत होती है। इसके मुकाबले राज्य में 28 लाख टन चीनी उपलब्ध है। इस हिसाब से मौजूदा भंडार करीब सात महीने की जरूरत पूरी कर सकता है।
यूपी में चीनी संकट को लेकर सामने आ रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री ने लोगों से स्थिति को तथ्यों के आधार पर देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और फिलहाल आपूर्ति को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है।
15 अक्टूबर से फिर शुरू होंगी चीनी मिलें
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें 15 अक्टूबर से दोबारा शुरू होंगी। उन्होंने कहा कि आगामी पेराई सत्र में राज्य की मिलों से करीब 90 लाख टन चीनी उत्पादन होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की चीनी उत्पादन क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के पास अपनी करीब 25 करोड़ आबादी की जरूरत पूरी करने के साथ-साथ देश की व्यापक मांग में योगदान देने की भी क्षमता है।
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जमाखोरी और कालाबाजारी पर नजर
यूपी में चीनी संकट की चर्चाओं के बीच सरकार पहले ही अधिकारियों को चीनी की उपलब्धता, आपूर्ति और बाजार में संभावित जमाखोरी व कालाबाजारी पर निगरानी रखने के निर्देश दे चुकी है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में चीनी उचित तरीके से उपलब्ध होती रहे।
मुख्यमंत्री के ताजा बयान का उद्देश्य भी चीनी की उपलब्धता को लेकर पैदा हुई आशंकाओं को दूर करना माना जा रहा है।
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर भी जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि क्षेत्र से जुड़े नवनियुक्त कर्मचारियों की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कृषि प्राविधिक सहायक और कृषि विज्ञान केंद्रों के कर्मचारी किसानों तक वैज्ञानिक और उपयोगी जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कृषि में ‘लैब टू लैंड’ दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती से जुड़े विषयों पर वास्तविक समाधान के लिए किसानों के खेतों तक पहुंचना जरूरी है। कृषि से जुड़ी चर्चा केवल कार्यालयों या सेमिनार हॉल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
नवनियुक्त कर्मचारियों को दी शुभकामनाएं
योगी आदित्यनाथ ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए नियुक्त हुए कृषि प्राविधिक सहायकों और मंडी सचिवों को बधाई दी। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से प्रदेश और देश के विकास में अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
यूपी में चीनी संकट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार की ओर से पर्याप्त स्टॉक और आगामी उत्पादन का हवाला दिया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार मौजूदा 28 लाख टन स्टॉक और आने वाले पेराई सत्र में संभावित उत्पादन से राज्य की चीनी उपलब्धता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सरकार का जोर चीनी की नियमित आपूर्ति के साथ बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की जमाखोरी या कालाबाजारी पर नियंत्रण रखने पर है। यूपी में चीनी संकट को लेकर मुख्यमंत्री के बयान से साफ है कि राज्य सरकार फिलहाल पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रही है।
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