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ऑनलाइन RTI आवेदनों पर अब लापरवाही नहीं, हरियाणा सरकार ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

हरियाणा सरकार ने ऑनलाइन RTI आवेदनों की नियमित निगरानी और तय समय-सीमा में निपटारे के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

हरियाणा में सूचना के अधिकार यानी RTI के तहत ऑनलाइन आने वाले आवेदनों के निपटारे में अब देरी या लापरवाही को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले राज्य जन सूचना अधिकारियों (SPIOs) के कामकाज की नियमित निगरानी करें।

सरकार का मुख्य जोर यह सुनिश्चित करना है कि ऑनलाइन RTI आवेदन तय समय-सीमा के भीतर निपटाए जाएं और किसी भी स्तर पर आवेदन लंबित न रहें।

सभी विभागों को नियमित निगरानी के निर्देश

हरियाणा सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों से कहा है कि वे अपने प्रशासनिक नियंत्रण वाले विभागों में RTI आवेदनों की स्थिति पर लगातार नजर रखें।

अधिकारियों को विशेष रूप से ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त आवेदनों की निगरानी करने और उनके समय पर निपटारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य RTI प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाना है।

आवेदन नहीं दिखने का बहाना नहीं चलेगा

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन RTI आवेदन अधिकारियों के संज्ञान में नहीं आने या विभाग में आंतरिक निगरानी व्यवस्था न होने का कारण देकर कार्रवाई से बचा नहीं जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आवेदन पर निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई करना संबंधित SPIO की वैधानिक जिम्मेदारी है। इसलिए आवेदन की निगरानी और उसके निपटारे को लेकर किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

SPIO की होगी सीधी जिम्मेदारी

निर्देशों के मुताबिक ऑनलाइन RTI आवेदन मिलने के बाद उसे समय पर देखना और आवश्यक कार्रवाई करना संबंधित राज्य जन सूचना अधिकारी की जिम्मेदारी होगी।

सरकार ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि RTI आवेदनों की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़े। इससे आवेदकों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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विभागीय निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

सरकार का मानना है कि केवल आवेदन प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को अपने अधीन आने वाले SPIOs के काम की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

ऑनलाइन RTI आवेदन की नियमित समीक्षा से लंबित मामलों की पहचान समय रहते की जा सकेगी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जा सकेंगे।

जवाबदेही तय करने की कोशिश

हरियाणा सरकार के इस निर्देश का उद्देश्य RTI व्यवस्था में जवाबदेही को मजबूत करना है। ऑनलाइन RTI आवेदन को समय पर निपटाने की जिम्मेदारी संबंधित SPIO पर होने से आवेदन प्रक्रिया में देरी के मामलों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

मुख्य सचिव ने साफ किया है कि आंतरिक निगरानी की कमी या ऑनलाइन आवेदन की जानकारी न मिलने जैसे तर्क स्वीकार नहीं किए जाएंगे। संबंधित अधिकारी को अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करना होगा कि आवेदन पर निर्धारित समय में कार्रवाई हो।

समयबद्ध सूचना उपलब्ध कराने पर फोकस

सरकार के निर्देशों से विभागों में RTI आवेदनों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। इसका सीधा उद्देश्य आवेदकों को सूचना के अधिकार के तहत मिलने वाली जानकारी समय पर उपलब्ध कराना है।

हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन RTI आवेदन के निपटारे में तय समय-सीमा का पालन करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। अधिकारियों की नियमित निगरानी और SPIO की जवाबदेही के जरिए इस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

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