सीएम भगवंत मान ने शिक्षक दिवस पर पंजाब के सरकारी स्कूलों में हुए शिक्षा सुधारों की जानकारी दी और 50 शिक्षकों को सम्मानित किया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षक दिवस के मौके पर राज्य की शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलावों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में पंजाब के सरकारी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं से लेकर शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण तक कई स्तरों पर काम किया गया है।
मोहाली के सेक्टर-62 स्थित विकास भवन में पंजाब सरकार की ओर से आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले 50 शिक्षकों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को समाज और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
2021 की रैंकिंग का किया जिक्र
अपने संबोधन में भगवंत मान ने कहा कि वर्ष 2021 में पंजाब शिक्षा के मामले में 27वें स्थान पर था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद स्कूल शिक्षा में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब विद्यार्थियों के बैठने के लिए उचित बेंच उपलब्ध हैं। इसके अलावा स्कूलों में शौचालय और चारदीवारी जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी काम किया गया है।
उनके मुताबिक पंजाब के सरकारी स्कूल में शिक्षकों और क्लर्कों की नियुक्ति के साथ-साथ शिक्षकों को प्रशिक्षण देने पर भी ध्यान दिया गया है।
प्रधानाचार्यों का प्रशासनिक बोझ कम करने पर जोर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्कूल प्रधानाचार्यों के कामकाज का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहले प्रधानाचार्यों को स्कूल की छोटी-बड़ी कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती थीं।
इनमें खराब फर्नीचर और शौचालय से जुड़े मामले, उपस्थिति रजिस्टर, छुट्टियों के आवेदन और फीस माफी से संबंधित कार्य तक शामिल थे। मान ने कहा कि उन्होंने शिक्षा मंत्री के साथ इस विषय पर चर्चा की है और प्रधानाचार्यों को अकादमिक कार्यों के लिए अधिक समय मिलना चाहिए।
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सरकारी स्कूलों में PTM पर भी जोर
भगवंत मान ने सरकारी स्कूलों में आयोजित की जा रही Parent-Teacher Meetings (PTM) को भी शिक्षा सुधार का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि अभिभावक-शिक्षक बैठकें निजी स्कूलों में आम तौर पर देखने को मिलती थीं, लेकिन सरकारी संस्थानों में इस तरह की पहल पहले उतनी व्यापक नहीं थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार PTM का उद्देश्य सिर्फ बच्चों की पढ़ाई पर चर्चा करना नहीं है, बल्कि अभिभावकों को शिक्षकों से जोड़ना और शिक्षकों को विद्यार्थियों के पारिवारिक माहौल को समझने का अवसर देना भी है।
मान ने दावा किया कि पिछली PTM में करीब 24 लाख अभिभावकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था में अभिभावकों की बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
विद्यार्थियों को नकल से दूर रहने की सलाह
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को परीक्षा में नकल पर निर्भर रहने के बजाय वास्तविक ज्ञान हासिल करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि नकल के सहारे किसी एक परीक्षा में सफलता मिल सकती है, लेकिन आगे की चुनौतियों का सामना करने के लिए जरूरी ज्ञान और क्षमता केवल मेहनत और सीखने से ही विकसित होती है।
उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई को केवल परीक्षा पास करने का माध्यम न मानकर अपने भविष्य की नींव के रूप में देखने की अपील की।
अपने शिक्षकों को याद कर भावुक हुए मान
भगवंत मान ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए अपने शिक्षकों का भी जिक्र किया। उन्होंने रameshwar Das के साथ अपने अंग्रेजी शिक्षकों राम और कस्तूरी लाल को याद किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कलाकार बनने के बाद भी वह अपने पुराने शिक्षकों से मिलते रहे और उनका सम्मान करते हुए पैर छूते थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक का प्रभाव विद्यार्थी के जीवन पर लंबे समय तक बना रहता है।
शिक्षकों को बताया भविष्य का माली
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की तुलना ऐसे माली से की जो पौधे को लगाकर उसकी देखभाल करता है और उसे बड़ा करता है। उन्होंने कहा कि जब पेड़ फल देने लगता है तो उसे लगाने और सींचने वाले माली को भी उतनी ही खुशी होती है।
इसी तरह किसी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उसके शिक्षक की मेहनत और मार्गदर्शन की बड़ी भूमिका होती है। मान ने कहा कि उनके शिक्षक और प्रोफेसर आज भी इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि जिस बच्चे को उन्होंने पढ़ाया, वह आगे चलकर पंजाब का मुख्यमंत्री बना।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव पर सरकार का जोर
शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार, शिक्षकों की भर्ती और प्रशिक्षण, अभिभावकों की भागीदारी तथा प्रधानाचार्यों के प्रशासनिक बोझ को कम करने जैसे मुद्दों पर बात की।
सरकार के अनुसार इन प्रयासों का उद्देश्य पंजाब के सरकारी स्कूल में पढ़ाई का माहौल बेहतर करना और शिक्षकों को अकादमिक कार्यों पर अधिक ध्यान देने का अवसर देना है।
भगवंत मान ने कहा कि किसी विद्यार्थी के जीवन को दिशा देने वाले शिक्षक को वह कभी नहीं भूल सकता। उनके मुताबिक पंजाब के सरकारी स्कूल में शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए शिक्षक और अभिभावक दोनों की सक्रिय भूमिका जरूरी है।।
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